चमोली। भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाला मलारी हाईवे सोमवार को दोपहर 3:30 बजे भापकुंड के पास भूस्खलन के चलते बंद हो गया था। इसके कारण मंगलवार को भी दिनभर वाहनों की आवाजाही ठप रही और जोशीमठ से रवाना हुईं 11 पोलिंग पार्टियां देर शाम तक अपने मतदान स्थलों तक नहीं पहुंच सकीं।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
हाईवे बंद होने से नीती घाटी में चुनाव प्रचार के लिए गए लोग भी जोशीमठ नहीं लौट पाए। बीआरओ ने मंगलवार सुबह 7 बजे से मलबा हटाने का काम शुरू किया और रात करीब 9:30 बजे हाईवे को खोला गया।
एसडीएम चंद्रशेखर वशिष्ठ ने बताया कि सड़क खुलते ही पहले मतदान दलों के वाहनों को रवाना किया गया, इसके बाद मलारी की ओर फंसे अन्य वाहनों को आगे बढ़ाया गया।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
फंसी रहीं ये पोलिंग पार्टियां:
- कोषा
- मलारी प्रथम व द्वितीय
- कैलाशपुर
- मेहरगांव
- फरकिया
- बांपा प्रथम व द्वितीय
- गमशाली प्रथम व द्वितीय
- नीती गांव
लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण दुर्गम इलाकों में मतदान दलों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, हालांकि प्रशासन और बीआरओ की त्वरित कार्रवाई से स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।

