देहरादून। राजपुर रोड स्थित एक होटल में उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी सैलजा की अध्यक्षता में राजनीतिक मामले समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा योजना में किए गए बदलाव के विरोध में प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया। सैलजा ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने पूरे देश में मनरेगा में किए गए संशोधनों के खिलाफ आंदोलन करने का फैसला लिया है।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक राज्य में योजनाबद्ध तरीके से आंदोलन किया जाएगा। उत्तराखंड में 10 जनवरी को जिला स्तर पर प्रेस वार्ता कर मनरेगा की जगह लाए गए वीबीजी रामजी अधिनियम की वास्तविकता जनता के सामने रखी जाएगी। 11 जनवरी को जिला स्तर पर महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष अनशन किया जाएगा।
आंदोलन का चरणबद्ध कार्यक्रम
कांग्रेस प्रभारी के अनुसार, 29 जनवरी को पंचायत स्तर पर चौपाल आयोजित की जाएगी, जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के पत्र पंचायत प्रतिनिधियों को सौंपे जाएंगे।
30 जनवरी को वार्ड स्तर पर धरना-प्रदर्शन होगा।
31 जनवरी से 6 फरवरी तक प्रत्येक जिला मुख्यालय में “मनरेगा बचाओ” धरना दिया जाएगा।
7 से 15 फरवरी के बीच विधानसभा का घेराव करने का कार्यक्रम तय किया गया है।
मोदी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार मनरेगा की आत्मा को खत्म करना चाहती है। उन्होंने कहा कि मनरेगा एक मांग आधारित रोजगार का अधिकार था, जिसमें सरकार काम देने के लिए बाध्य थी, लेकिन नया कानून इसे आपूर्ति आधारित योजना में बदल देता है। अब काम की उपलब्धता केंद्र सरकार के बजट और तय मापदंडों पर निर्भर करेगी।
उन्होंने कहा कि नए अधिनियम के प्रावधानों से रोजगार का अधिकार समाप्त हो जाएगा और राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। कांग्रेस इस बदलाव के खिलाफ जनआंदोलन के जरिए जनता की आवाज बुलंद करेगी।
