अल्मोड़ा। जिले के हवालबाग ब्लॉक स्थित देवलीखान गांव को मशरूम विलेज के रूप में विकसित किया जाएगा। जिला योजना के तहत स्वीकृत 22.5 लाख रुपये की धनराशि से गांव में 10 मशरूम उत्पादन इकाइयों की स्थापना की जा रही है। इस पहल से ग्रामीण किसानों को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।
उद्यान विभाग के अनुसार, प्रत्येक मशरूम इकाई से सालाना करीब 3750 किलो मशरूम का उत्पादन होगा, जिससे एक किसान लगभग 5.62 लाख रुपये की आय अर्जित कर सकेगा। वहीं, सभी 10 इकाइयों से प्रतिवर्ष करीब 37 हजार किलो मशरूम का उत्पादन होगा और कुल आय लगभग 56 लाख रुपये तक पहुंचने की संभावना है।
इन इकाइयों की स्थापना के लिए किसानों को 90 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। साथ ही विभाग की ओर से मशरूम कम्पोस्ट उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि किसान वैज्ञानिक तरीके से उत्पादन कर सकें।
72 टन मशरूम कम्पोस्ट का वितरण
मशरूम विलेज योजना के साथ-साथ जिला योजना के अंतर्गत 50 प्रतिशत सब्सिडी पर मशरूम कम्पोस्ट का भी वितरण किया जा रहा है। अब तक जिले के 72 किसानों को 72 टन मशरूम कम्पोस्ट खाद दी जा चुकी है, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए हैं।
मुख्य उद्यान अधिकारी डॉ. नरेंद्र कुमार ने बताया कि यह विभाग की एक नई पहल है, जिसका उद्देश्य किसानों को पोषण सुरक्षा और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। मशरूम उत्पादन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
