देहरादून : नूरखेड़ा स्थित प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के साथ हुई मारपीट की घटना ने प्रदेश भर के शिक्षकों और कर्मचारी संगठनों में आक्रोश पैदा कर दिया है। उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की शिक्षक भवन, रेसकोर्स में आयोजित बैठक में घटना की कड़ी निंदा की गई। शिक्षकों ने विरोध स्वरूप आज से काली पट्टी बांधकर कार्य करने का निर्णय लिया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से देहरादून पहुंचे शिक्षकों ने कहा कि जब प्रदेश के प्रारंभिक शिक्षक ही सुरक्षित नहीं हैं तो अन्य शिक्षक और कर्मचारी स्वयं को कैसे सुरक्षित महसूस कर सकते हैं।
संगठन की प्रांतीय तदर्थ समिति के सदस्य गोविंद बोरा और दिगम्बर सिंह नेगी ने चेतावनी दी कि यदि आरोपियों के खिलाफ शीघ्र और कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। शिक्षा निदेशालय में हुई बैठक में 56 विभागों के कर्मचारी और अधिकारी संगठनों ने भी इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण और प्रशासनिक गरिमा के विरुद्ध बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है और सरकार को सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट एसओपी जारी करनी चाहिए।
घटना के संबंध में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वायरल वीडियो के आधार पर चार आरोपियों को हिरासत में लिया है। हिस्ट्रीशीटर कल्ली की भूमिका की भी अलग से जांच की जा रही है और उस पर पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार शनिवार को विधायक उमेश शर्मा काऊ अपने समर्थकों के साथ एक स्कूल का नाम बदलवाने के मामले में शिक्षा निदेशक से मिलने पहुंचे थे। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और विधायक की मौजूदगी में कुछ लोगों ने निदेशक के साथ मारपीट की। घटना के बाद शिक्षा निदेशालय के कर्मचारियों और विभिन्न शिक्षक संगठनों ने पहले निदेशालय परिसर और फिर रायपुर थाने में प्रदर्शन किया।
रायपुर थाने में विधायक और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। वहीं विधायक पक्ष की ओर से भी शिकायत दर्ज कराई गई, जिस पर पुलिस ने क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली है। वायरल वीडियो में विधायक कुर्सी पर बैठे नजर आ रहे हैं और पीछे कुछ लोग कुर्सियां और सामान फेंकते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में दिख रहे एक व्यक्ति को हिस्ट्रीशीटर कल्ली बताया जा रहा है।
एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य संदिग्धों की पहचान भी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
