देहरादून: मंगलवार को महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के तहत प्रदेशभर के लाभार्थियों को 3 करोड़ 2 लाख रुपए से अधिक की धनराशि जारी की। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से भेजी गई, जिससे पारदर्शिता और समयबद्ध सहायता सुनिश्चित हो सके। कैंप कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार इस योजना के जरिए उन बच्चों को आर्थिक सहारा प्रदान कर रही है, जिन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता या अभिभावकों को खो दिया और आज वे असहाय स्थिति में जीवन यापन कर रहे हैं।
मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के कठिन दौर में शुरू की गई यह योजना प्रदेश के हजारों बच्चों के लिए जीवनरेखा साबित हुई है। योजना के अंतर्गत प्रत्येक पात्र बच्चे को प्रति माह ₹3000 की सहायता राशि दी जाती है, जिससे उनकी शिक्षा, पोषण और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार केवल आर्थिक सहायता ही नहीं दे रही, बल्कि इन बच्चों के सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकें।
उन्होंने जानकारी दी कि जनवरी 2026 तक की सहायता राशि पहले ही जारी की जा चुकी थी, और अब फरवरी एवं मार्च माह की धनराशि भी लाभार्थियों तक पहुंचा दी गई है। फरवरी माह के लिए कुल 5057 लाभार्थियों को 1 करोड़ 51 लाख 71 हजार रुपए की राशि वितरित की गई, जबकि मार्च माह के लिए 5025 लाभार्थियों को 1 करोड़ 50 लाख 75 हजार रुपए जारी किए गए। इस प्रकार कुल मिलाकर 3 करोड़ से अधिक की सहायता सीधे बच्चों के खातों में पहुंचाई गई है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है।
रेखा आर्या ने यह भी बताया कि इस योजना के तहत लाभार्थी तब तक सहायता प्राप्त करता है, जब तक वह 21 वर्ष की आयु पूरी नहीं कर लेता। इसके अलावा, यदि कोई बालिका लाभार्थी विवाह कर लेती है या कोई लाभार्थी रोजगार प्राप्त कर लेता है, तो उसे योजना से बाहर कर दिया जाता है। इस प्रावधान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सहायता वास्तव में उन जरूरतमंद बच्चों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर सहायता मिलती रहे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कमजोर और वंचित वर्गों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और ऐसी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि भविष्य में योजना को और प्रभावी बनाने के लिए लगातार समीक्षा की जाएगी और आवश्यक सुधार किए जाएंगे।
इस अवसर पर सीपीओ अंजना गुप्ता और डिप्टी सीपीओ राजीव नयन सहित विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने योजना की प्रगति और लाभार्थियों की स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी साझा की तथा यह भरोसा दिलाया कि सरकार की मंशा के अनुरूप योजना का लाभ हर पात्र बच्चे तक पहुंचाया जा रहा है।
