देहरादून। देहरादून में राज्य सरकार जल्द ही सरकारी और निजी स्कूलों के लिए राज्य विद्यालय मानक प्राधिकरण का गठन करेगी। इस प्राधिकरण के लिए नया ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य स्कूलों में न्यूनतम मानक तय करना और फीस से जुड़ी मनमानी पर रोक लगाना होगा। यह प्राधिकरण एक अर्धन्यायिक आयोग के रूप में कार्य करेगा।
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प्राधिकरण राज्य के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों के लिए बुनियादी मानदंड निर्धारित करेगा। साथ ही, फीस वृद्धि, सुविधाओं की कमी और अन्य शिकायतों का निपटारा करेगा। स्कूलों को पढ़ाए जाने वाले विषय, फीस और अन्य आवश्यक जानकारी सार्वजनिक करनी होगी। इसके अलावा, शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतनमान भी तय किए जाएंगे।
यह प्राधिकरण विद्यालयों की मान्यता से संबंधित शर्तें तय करेगा, उनके पालन की निगरानी करेगा और शिकायतों की जांच करेगा। नियमों के उल्लंघन पर स्कूलों को दंडित करने या उनकी मान्यता समाप्त करने का अधिकार भी इसके पास होगा।
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प्राधिकरण में एक अध्यक्ष और विभिन्न क्षेत्रों के सदस्य शामिल होंगे। अध्यक्ष के रूप में शिक्षाविद, सेवानिवृत्त अधिकारी या न्यायाधीश को नियुक्त किया जा सकता है। वहीं, शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, सीबीएसई और आईसीएसई से जुड़े स्कूलों के प्रधानाचार्य तथा गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि सदस्य होंगे।
वित्त विभाग की ओर से प्राधिकरण के गठन पर सुझाव दिए जा चुके हैं और अब मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक कर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

