दिल्ली : उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उस याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें पुलिस को शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर सभी प्रवेश मार्गों पर भीड़ नियंत्रण के विशेष इंतजाम करने के निर्देश देने की मांग की गई थी। यह विरोध प्रदर्शन व्यंग्यात्मक संगठन ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ द्वारा आयोजित किया जाना है, जिसके संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार को अमेरिका से भारत पहुंचकर प्रदर्शन का नेतृत्व करने वाले हैं।
सेव इंडिया फाउंडेशन की ओर से दायर याचिका का उल्लेख न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी और न्यायमूर्ति अमित शर्मा की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष किया गया। याचिकाकर्ता की ओर से अदालत से उसी दिन सुनवाई का आग्रह किया गया, लेकिन पीठ ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।
अभिजीत दिपके ने 15 मई को ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ की वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शुरू किए थे। यह पहल उस समय सामने आई थी जब एक न्यायिक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई थी। कुछ ही दिनों में संगठन के सोशल मीडिया खातों को बड़ी संख्या में लोगों का समर्थन मिलने लगा और इसके इंस्टाग्राम पेज पर दस लाख से अधिक फॉलोअर्स जुड़ गए।
शुरुआत में एक व्यंग्यात्मक अभियान के रूप में शुरू हुआ यह संगठन अब युवाओं के बीच चर्चा का विषय बन चुका है। हाल ही में संगठन ने खोजी पत्रकार सौरभ दास, राजनीतिक शोधकर्ता एवं फिल्म निर्माता विजेता दहिया तथा पूर्व प्रबंधन सलाहकार आशुतोष रांका को अपना प्रवक्ता नियुक्त किया है। इसके बाद बुधवार को दिल्ली में संगठन का पहला प्रेस सम्मेलन भी आयोजित किया गया।
दिपके शुक्रवार को भारत के लिए रवाना हुए और उनके शनिवार सुबह दिल्ली पहुंचने की संभावना है। संगठन को मिल रहे समर्थन को देखते हुए विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि दिपके ने गुरुवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने समर्थकों से दिल्ली हवाई अड्डे पर न आने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे सीधे संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाकर जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति लेने का प्रयास करेंगे।
