नई दिल्ली : कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में आयोजित इंडिया गठबंधन की बैठक में गठबंधन के अध्यक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने देश के सामने मौजूद आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति से जुड़ी चुनौतियों को उठाते हुए मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) की आलोचना की। अपने प्रारंभिक संबोधन में उन्होंने संसद में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, परिसीमन विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक को पराजित करने में गठबंधन की एकजुटता की सराहना की।
खरगे ने कहा कि इंडिया गठबंधन का गठन लगभग तीन वर्ष पहले हुआ था और 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में विपक्षी दलों ने एकजुट होकर सरकार के परिसीमन संबंधी विधेयकों को हराकर अपनी मजबूती का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि अब इसी एकता और समन्वय को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार के कथित कुशासन के कारण उत्पन्न राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक और विदेश नीति संबंधी चुनौतियों का मुकाबला करना होगा।
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि एसआईआर की प्रक्रिया के कारण लाखों लोगों के मतदान अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और संविधान पर लगातार हमला किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने, डराने और उन पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है, जबकि गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ भेदभाव किया जा रहा है।
उन्होंने बढ़ती महंगाई और कमजोर आर्थिक माहौल पर चिंता जताते हुए कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। नए रोजगार सृजित करने के लिए जरूरी निवेश अपेक्षित गति से नहीं हो रहे हैं, जबकि कई क्षेत्रों में निजी एकाधिकार बढ़ रहे हैं और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) का भविष्य संकट में दिखाई दे रहा है।
खरगे ने परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं और कुप्रबंधन का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि इसके कारण लाखों युवाओं की उम्मीदें और आकांक्षाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने समाज के कमजोर वर्गों के खिलाफ अत्याचारों पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि विशेष रूप से भाजपा शासित राज्यों में ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
विदेश नीति के मुद्दे पर उन्होंने केंद्र सरकार पर समझौतावादी रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत की विदेश नीति कमजोर हुई है और देश जिन पारंपरिक मूल्यों का लंबे समय से समर्थन करता आया है, उन्हें पर्याप्त रूप से बनाए नहीं रखा गया है।बैठक के बाद इंडिया गठबंधन के नेताओं द्वारा मीडिया को संबोधित किए जाने की भी जानकारी दी गई।
