हल्द्वानी। शहर का प्रमुख बाजार आग की दृष्टि से बेहद संवेदनशील होता जा रहा है। तंग गलियां, बढ़ता अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, सड़क किनारे ठेले और नीचे झूलते बिजली के तार किसी बड़े अग्निकांड को न्योता दे रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि बाजार के किसी बड़े प्रतिष्ठान में आग लगती है तो दमकल वाहनों के लिए घटनास्थल तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है, जिससे जान-माल का भारी नुकसान होने की आशंका है।
मटर गली सबसे अधिक संवेदनशील
रोडवेज के सामने स्थित मटर गली मात्र दो से तीन फीट चौड़ी है और यहां 100 से अधिक दुकानें संचालित होती हैं। कपड़े और इलेक्ट्रॉनिक सामान की दुकानों से भरी इस गली में झूलते बिजली के तार खतरे को और बढ़ा रहे हैं। संकरी गली होने के कारण यहां दमकल वाहन पहुंचना लगभग असंभव है।
पटेल चौक में अतिक्रमण और अवैध पार्किंग की समस्या
पटेल चौक क्षेत्र में दुकानों के आगे अतिक्रमण, सड़क पर ठेलों का कब्जा और बेतरतीब खड़ी बाइकें आपातकालीन सेवाओं के लिए बड़ी बाधा बनती हैं। आग जैसी स्थिति में राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो सकता है।
मीरा मार्ग की घटना ने बढ़ाई चिंता
हाल ही में मीरा मार्ग स्थित एक जूते की दुकान में आग लगने की घटना ने बाजार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र की संकरी गलियों और भारी भीड़ के कारण दमकल वाहनों को मौके तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।
वीआईपी के लिए ग्रीन कॉरिडोर, दमकल के लिए क्यों नहीं?
स्थानीय लोगों का सवाल है कि वीआईपी मूवमेंट के दौरान प्रशासन मिनटों में सड़कें खाली करा देता है, लेकिन आग लगने जैसी आपात स्थिति में दमकल वाहनों के लिए ऐसी कोई विशेष व्यवस्था नहीं होती। विशेषज्ञों का मानना है कि फायर ब्रिगेड के लिए भी त्वरित यातायात प्रबंधन व्यवस्था बनाई जानी चाहिए।
बेतरतीब पार्किंग बन रही बाधा
अंबिका विहार में हुई एक आग की घटना के दौरान सड़क पर खड़े वाहनों के कारण दमकल टीम को 20 से 25 मिनट की देरी हुई थी। ऐसे उदाहरण बताते हैं कि अव्यवस्थित पार्किंग किसी भी आपदा में नुकसान को बढ़ा सकती है।
खराब हाईड्रेंट भी चिंता का विषय
हाल ही में आग बुझाने के दौरान दमकल विभाग को पता चला कि रिकॉर्ड में दर्ज दो हाईड्रेंट लंबे समय से खराब थे। इससे विभागीय समन्वय और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
फायर विभाग की अपील
मुख्य अग्निशमन अधिकारी गौरव किरार के अनुसार, आग की सूचना मिलते ही दमकल टीम दो से तीन मिनट में रवाना हो जाती है, लेकिन रास्ते में जाम और संकरी गलियां सबसे बड़ी चुनौती बन जाती हैं। उनका कहना है कि आग की घटनाओं में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और संबंधित मार्गों को तुरंत खाली कराना आवश्यक है।
निष्कर्ष
हल्द्वानी का बाजार आर्थिक गतिविधियों का केंद्र है, लेकिन मौजूदा हालात इसे आग जैसी आपदाओं के लिए बेहद संवेदनशील बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अतिक्रमण हटाने, पार्किंग व्यवस्था सुधारने, बिजली के तारों को सुरक्षित करने और आपातकालीन यातायात प्रबंधन लागू करने के लिए प्रशासन को जल्द ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा भविष्य में कोई बड़ा हादसा गंभीर परिणाम ला सकता है।
