टिहरी। टिहरी जिले के भिलंगना ब्लॉक स्थित जखन्याली गांव में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान प्रशासन और विभिन्न विभागों ने बादल फटने जैसी आपदा की काल्पनिक स्थिति बनाकर राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया।
उपजिलाधिकारी (एसडीएम) घनसाली मंजू राजपूत ने बताया कि मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपदा की स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों, विभिन्न विभागों के समन्वय और संसाधनों के प्रभावी उपयोग का परीक्षण करना था।
अभ्यास के दौरान जखन्याली गांव में बादल फटने की काल्पनिक घटना दर्शाई गई, जिससे यातायात बाधित होने की स्थिति बनाई गई। परिदृश्य के अनुसार दो लोगों की मौत और 12 लोगों के घायल होने की सूचना दी गई। इनमें से दो गंभीर घायलों को हायर सेंटर रेफर किया गया। साथ ही कई पशुओं के मलबे में दबने की स्थिति भी बनाई गई, जिन्हें एसडीआरएफ के जवानों ने सुरक्षित बाहर निकाला।
सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव दल मौके पर पहुंचे और घायलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर प्राथमिक उपचार दिया। गंभीर रूप से घायल लोगों को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर भेजने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन टीम तथा अन्य संबंधित विभागों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के अभ्यास का उद्देश्य वास्तविक आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई, बेहतर समन्वय और प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करना है, ताकि भविष्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा का सफलतापूर्वक सामना किया जा सके।
