लक्सर : सुल्तानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व विधायक संजय गुप्ता द्वारा पानी और वोट को लेकर कथित रूप से की गई आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। टिप्पणी को लेकर पूर्व राज्य मंत्री रविंद्र सिंह आनंद ने कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के सम्मान के खिलाफ बताया है। उन्होंने कहा कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा को किसी व्यक्ति के वोट से जोड़ना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और इस तरह की भाषा का सार्वजनिक मंच से इस्तेमाल किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए उचित नहीं है।
रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि पानी, सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाएं जनता का अधिकार हैं। इन सुविधाओं को किसी व्यक्ति के राजनीतिक समर्थन या वोट से जोड़कर देखना लोकतंत्र की भावना के विपरीत है। उन्होंने कहा कि जनता किसी जनप्रतिनिधि के एहसान से नहीं, बल्कि अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार के तहत मूलभूत सुविधाओं की हकदार है।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समाधान कराना है, न कि सुविधाओं को राजनीतिक दबाव या वोट से जोड़कर जनता को प्रभावित करना। यदि किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में वास्तव में इस प्रकार की टिप्पणी की गई है तो यह गंभीर विषय है और इसकी उचित तरीके से जांच होनी चाहिए।
पूर्व राज्य मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और किसी भी नेता को जनता को डराने, धमकाने या किसी प्रकार का दबाव बनाने की भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता को डराने-धमकाने और श्राप देने की राजनीति अब नहीं चलेगी। आज का मतदाता जागरूक है और वह अपने अधिकारों एवं सम्मान को लेकर पहले से अधिक सजग है।
रविंद्र सिंह आनंद ने कहा कि लक्सर क्षेत्र की जनता विकास, सुविधाओं और सम्मानजनक व्यवहार की अपेक्षा रखती है। राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं को लेकर किसी भी प्रकार का भेदभाव या राजनीतिक दबाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि जनता ऐसे बयानों का जवाब लोकतांत्रिक तरीके से देगी और आने वाले समय में भी अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेगी।
उन्होंने प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भी कथित टिप्पणी का संज्ञान लेने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। आनंद ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले लोगों को अपने शब्दों और बयानों के प्रति जिम्मेदार रहना चाहिए, क्योंकि उनके बयान का समाज और आम जनता पर सीधा प्रभाव पड़ता है।
उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य समाज को जोड़ना और क्षेत्र का विकास करना होना चाहिए, न कि लोगों के बीच भय या असंतोष का माहौल पैदा करना। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि पूरे मामले की वास्तविकता सामने लाकर आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणियों से जनता की भावनाएं आहत न हों।
