उत्तरकाशी / देहरादून: केदारताल क्षेत्र में हिमस्खलन के बाद लापता हुए सात पर्वतारोहियों और एक गाइड की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है। सोमवार को हेलीकॉप्टर के जरिए एसडीआरएफ और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की आठ सदस्यीय प्रशिक्षित टीम को भोजखड़क और कच्ची ढांग के समीप उतारा गया। वहीं, पैदल मार्ग से गंगोत्री नेशनल पार्क और स्थानीय ट्रैकिंग एजेंसी की टीमें भी मौके पर पहुंचीं।
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सर्च अभियान के दौरान कच्ची ढांग के पास लापता पर्वतारोहियों के बैग और टेंट बरामद हुए हैं, लेकिन अभी तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सोमवार दोपहर बाद क्षेत्र में शुरू हुई बर्फबारी के कारण बचाव अभियान प्रभावित हुआ।
जानकारी के अनुसार, 29 अक्टूबर को केदारताल से लौट रहे सात पर्वतारोही और एक गाइड भोजखड़क व कच्ची ढांग के आसपास हिमस्खलन की चपेट में आने के बाद फंस गए थे। उनके साथ चल रहे चार पोर्टर 30 अक्टूबर को सुरक्षित गंगोत्री पहुंच गए थे। पोर्टरों से मिली सूचना के बाद 31 अक्टूबर से खोज एवं बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
रविवार को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमों ने सर्च ऑपरेशन चलाया था। हेलीकॉप्टर की मदद से भी लापता लोगों की तलाश की गई। सोमवार को भी पोर्टरों द्वारा बताई गई लोकेशन पर टीमें भेजी गईं, लेकिन बर्फबारी ने अभियान में बाधा डाल दी।
रेस्क्यू अभियान तेज करने की मांग
उधर, लापता स्थानीय गाइड के परिजन और ग्रामीण सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात कर पर्वतारोहियों और गाइड की तलाश के लिए खोज एवं बचाव अभियान में तेजी लाने की मांग की।
जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि पोर्टरों द्वारा बताई गई लोकेशन पर टीमें लगातार खोजबीन कर रही हैं। सोमवार को बर्फबारी शुरू होने से अभियान में दिक्कत आई है। मंगलवार को दोबारा सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।

