प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अफ्रीकी देश इथियोपिया द्वारा उसके सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजे जाने को भारत–अफ्रीका संबंधों में एक नए अध्याय के रूप में देखा जा रहा है। इथियोपिया सरकार ने उन्हें ‘ग्रेट ऑनर निशान ऑफ इथियोपिया’ प्रदान कर न केवल उनके नेतृत्व को सम्मानित किया, बल्कि दोनों देशों के बीच दशकों से चली आ रही मित्रता, विश्वास और सहयोग की भावना को भी वैश्विक मंच पर रेखांकित किया। यह सम्मान ऐसे समय में दिया गया है, जब वैश्विक राजनीति में ग्लोबल साउथ की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है।
इथियोपिया पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का जिस आत्मीयता और गर्मजोशी से स्वागत किया गया, उसने इस यात्रा को सामान्य कूटनीतिक दौरे से कहीं आगे का बना दिया। इथियोपिया के प्रधानमंत्री अभी अहमद अली स्वयं उन्हें एयरपोर्ट पर लेने पहुंचे और देश के महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया। दोनों नेताओं के बीच विभिन्न वैश्विक और द्विपक्षीय मुद्दों पर व्यापक चर्चा हुई, जिसमें विकास, शिक्षा, निवेश और वैश्विक दक्षिण के देशों के साझा हित प्रमुख रहे।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को व्यक्तिगत उपलब्धि की बजाय भारत और इथियोपिया के साझा इतिहास और लोगों के आपसी रिश्तों का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि यह गौरव उन अनगिनत भारतीयों का है, जिन्होंने वर्षों से इथियोपिया के साथ संबंधों को मजबूत किया। चाहे 19वीं सदी के ऐतिहासिक संघर्षों में सहयोग देने वाले भारतीय व्यापारी हों, इथियोपिया की स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाले भारतीय सैनिक हों या फिर शिक्षा और उद्योग के माध्यम से यहां के भविष्य को संवारने वाले शिक्षक और उद्यमी—इस सम्मान में सभी का योगदान निहित है।
प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि भारत और इथियोपिया के रिश्ते केवल सरकारों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि लोगों से लोगों के बीच गहरे भावनात्मक और सांस्कृतिक संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि इथियोपिया के नागरिकों द्वारा भारत पर जताया गया विश्वास और अपनापन इस साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत है। इसी विश्वास ने दोनों देशों को समय की कसौटी पर एक-दूसरे के साथ खड़ा रखा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया की प्राचीन और समृद्ध सभ्यता की सराहना करते हुए कहा कि स्वाभिमान, स्वतंत्रता और आत्मगौरव की इसकी परंपरा आज के वैश्विक परिदृश्य में सभी विकासशील देशों के लिए प्रेरणा है। उन्होंने प्रधानमंत्री अभी अहमद के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी ‘मेडमर’ की सोच और समावेशी विकास का दृष्टिकोण इथियोपिया को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है और यह पूरे विश्व के लिए एक सकारात्मक उदाहरण है।
पर्यावरण संरक्षण, समावेशी विकास और विविधता में एकता जैसे विषयों पर इथियोपिया सरकार के प्रयासों की भी प्रधानमंत्री मोदी ने खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और इथियोपिया समान मूल्यों में विश्वास रखते हैं, जहां विकास के साथ-साथ प्रकृति, समाज और संस्कृति का संतुलन बनाए रखना आवश्यक माना जाता है।
शिक्षा को दोनों देशों के संबंधों की मजबूत नींव बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय शिक्षकों ने इथियोपिया में पीढ़ियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने भारत की उस सोच को दोहराया, जिसमें ज्ञान को मुक्ति का माध्यम माना गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, भारत–इथियोपिया संबंधों की सबसे बड़ी पूंजी यही बौद्धिक और सांस्कृतिक सहयोग रहा है, जिसने दोनों देशों को समय के साथ और करीब लाया है।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री मोदी को मिला यह सम्मान केवल एक औपचारिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारत और अफ्रीका के बीच उभरते रणनीतिक, सांस्कृतिक और मानवीय रिश्तों का प्रतीक बनकर सामने आया है, जो आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होने की उम्मीद जगाता है।
