दिल्ली : दिल्ली स्थित ‘सदैव अटल’ स्मारक पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर देश के शीर्ष नेतृत्व ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के अनेक वरिष्ठ नेताओं ने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर अटल जी को नमन किया। इस अवसर पर पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई अन्य नेता भी उपस्थित रहे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए सोशल मीडिया पर उन्हें भारतीय राजनीति का आदर्श व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि अटल जी का आचरण, गरिमा और राष्ट्रहित के प्रति अटूट प्रतिबद्धता राजनीति के लिए एक मिसाल है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में यह भी कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सच्चा नेतृत्व पद से नहीं, बल्कि आचरण से परिभाषित होता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने संस्कृत के एक सुभाषित का उल्लेख करते हुए कहा कि महान नेताओं के कर्म ही समाज का मार्गदर्शन करते हैं और यह गुण अटल बिहारी वाजपेयी के सार्वजनिक जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने लिखा कि अटल जी की जयंती उनके जीवन और विचारों से प्रेरणा लेने का विशेष अवसर है। उनका वैचारिक दृढ़ता, शालीनता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संकल्प भारतीय राजनीति के लिए एक आदर्श मानक है।
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म 25 दिसंबर 1924 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर में हुआ था। वे तीन बार देश के प्रधानमंत्री बने और दशकों तक भारतीय जनता पार्टी का प्रमुख चेहरा रहे। वे देश के पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री थे जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया। उन्होंने 16 मई 1996 से 1 जून 1996 तक तथा 19 मार्च 1998 से 22 मई 2004 तक प्रधानमंत्री के रूप में देश का नेतृत्व किया। इसके अलावा उन्होंने 1977 से 1979 तक प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के मंत्रिमंडल में विदेश मंत्री के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
