नई दिल्ली : बांग्लादेश के मयमनसिंह में एक हिंदू व्यक्ति की भीड़ द्वारा बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या किए जाने के विरोध में मंगलवार को नई दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ। इस प्रदर्शन का नेतृत्व विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) कर रही है।
घटनास्थल पर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी थी। कुछ प्रदर्शनकारी सुरक्षा बैरिकेड तोड़ने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें बाद में पुलिस ने काबू में किया। प्रदर्शनकारियों ने ढाका में हुई घटना की निंदा करते हुए नारे लगाए। विश्व हिंदू परिषद और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल थे।
मामला मयमनसिंह के बलुका इलाके का है, जहां पिछले सप्ताह 25 वर्षीय कपड़ा कारखाने के मजदूर दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। मृतक पर ईशनिंदा का आरोप था। हमला इतना क्रूर था कि उसके शव को जला दिया गया। पुलिस ने इस मामले में अब तक 12 लोगों को हिरासत में लिया है, जिसमें हाल ही में दो और संदिग्ध शामिल हैं।
उधर, बांग्लादेश के दक्षिण-पश्चिमी शहर खुलना में अज्ञात बंदूकधारियों ने एनसीपी (राष्ट्रीय नागरिक पार्टी) के नेता मोतालेब शिकदर को सिर में गोली मार दी। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब हाल के दिनों में खुलना में हिंसक छात्र नेतृत्व वाले विद्रोह के दौरान प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या हुई थी। एनसीपी की संयुक्त प्रधान समन्वयक महमूदा मितु ने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी दी।इससे पहले देश भर में भी प्रदर्शन शुरू हो गए थे और भारत में बांग्लादेश की हिंसक घटनाओं के विरोध में कई संगठनों ने विरोध स्वरूप कदम उठाए हैं।
