हरिद्वार। बहादराबाद थाने में दर्ज रिपोर्ट के मामले में हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिलने के बाद पूर्व विधायक सुरेश राठौर बृहस्पतिवार को हरिद्वार लौट आए। ज्वालापुर स्थित अपने आवास पर पहुंचकर उन्होंने खुद को निर्दोष बताया और कहा कि वे न्याय को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। सच्चाई सामने आने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।
मीडिया से बातचीत में राठौर ने कहा कि जब तक उन्हें पूर्ण न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे भगवा वस्त्र धारण नहीं करेंगे। उन्होंने इसे अपनी निजी आस्था और संकल्प बताया। अंकिता भंडारी प्रकरण पर बोलते हुए राठौर ने आरोप लगाया कि प्रदेश और समाज का माहौल जानबूझकर बिगाड़ा गया है और कांग्रेस अंकिता के नाम पर राजनीति कर जनभावनाओं का दुरुपयोग कर रही है।
सोची-समझी साजिश का आरोप
पूर्व विधायक ने दावा किया कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनके साथियों को भी मामले में घसीटने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि रविदास पीठ की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई, जो दुर्भाग्यपूर्ण है। राठौर ने स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो किसी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया और न ही किसी का अपमान किया।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी मामले में कोई दोषी पाया जाता है और सरकार उस पर कोई निर्णय लेती है, तो वह उन्हें स्वीकार्य होगा।
वायरल ऑडियो पर जांच की मांग
वायरल ऑडियो को लेकर राठौर ने सवाल उठाते हुए कहा कि तकनीक के इस दौर में एआई के जरिए आवाज तैयार करना संभव है। उन्होंने ऑडियो की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराने की मांग की, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
गौरतलब है कि 27 दिसंबर को बहादराबाद थाने में रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पूर्व विधायक सुरेश राठौर करीब 11 दिनों तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए थे।
