कोटद्वार।
भाबर क्षेत्र के बाद अब जंगली हाथी पहाड़ी गांवों की ओर भी रुख करने लगे हैं। मंगलवार रात कालागढ़ टाइगर रिजर्व (केटीआर) के जंगल से निकलकर एक हाथी मुख्य सड़क से लगभग दो किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई चढ़ते हुए नैनीडांडा ब्लॉक के बिलकोट गांव पहुंच गया। हाथी ने गांव और दोनों सरकारी विद्यालयों की सभी पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त कर दीं, जिससे ग्रामीणों में दहशत फैल गई।
बिलकोट गांव की प्रधान रेनू चतुर्वेदी, विपुल चतुर्वेदी, राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक महिपाल सिंह और प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक गिरीश बलोधी ने बताया कि हाथी ने रात के समय गांव में भारी नुकसान किया। पेयजल लाइनें टूटने के कारण बुधवार को पूरे गांव में पानी की गंभीर समस्या बनी रही।
पेयजल आपूर्ति बाधित होने से दोनों विद्यालयों में मध्याह्न भोजन तैयार करने में भी कठिनाई का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से बाघ की भी हलचल देखी जा रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।
घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम गांव पहुंची और मौके का मुआयना किया। विभाग की ओर से हाथी को आबादी क्षेत्र से दूर जंगल की ओर खदेड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही क्षतिग्रस्त पेयजल लाइनों को लेकर रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी जा रही है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से वन्यजीवों से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और जल्द से जल्द पेयजल लाइन की मरम्मत कराने की मांग की है।
