देहरादून: लगातार सामने आ रही हत्या की घटनाओं ने शहर की कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। महज पंद्रह दिनों के भीतर चार अलग-अलग हत्याओं का खुलासा होने से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ गई है। ताजा मामला दिगंबर धीमान की हत्या का है, जिसमें उसके ही दोस्तों ने नशे की हालत में विवाद के बाद उसकी जान ले ली। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर शव बरामद कर लिया है।
पुलिस के अनुसार दिगंबर धीमान नौ फरवरी से लापता था। 11 फरवरी को परिजनों ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी। जांच के दौरान पुलिस को उसके दोस्तों पर शक हुआ। पूछताछ में एक आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार कर ली और उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शराब के नशे में हुए झगड़े ने हिंसक रूप ले लिया और आरोपी ने अपने ही दोस्त की हत्या कर दी।
इससे पहले दो फरवरी को दूल्हा बाजार क्षेत्र में गुंजन श्रीवास्तव की चापड़ से काटकर हत्या कर दी गई थी। आरोपी आकाश और मृतक के बीच पुराना विवाद था। पुलिस ने इस मामले में जांच पूरी कर चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसके बाद 11 फरवरी को तिब्बती मार्केट के पास गैस कारोबारी अर्जुन शर्मा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। जांच में पारिवारिक साजिश की बात भी सामने आई है।
13 फरवरी को सिल्वर सिटी मॉल में झारखंड के हिस्ट्रीशीटर विक्रम शर्मा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बदमाशों ने मॉल के अंदर घात लगाकर उसके सिर पर कई गोलियां दाग दीं और मौके से फरार हो गए। इस घटना ने शहर में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। पुलिस अभी तक इस मामले के सभी आरोपियों को पकड़ने में सफल नहीं हो पाई है।
लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव किया गया है। कई जिलों में नए पुलिस कप्तानों की तैनाती की गई है और देहरादून में भी नए एसएसपी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पुलिस की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिले में सत्यापन अभियान और गश्त तेज कर दी गई है।
इन घटनाओं की श्रृंखला ने शहर में सुरक्षा को लेकर नई बहस छेड़ दी है। लोग चाहते हैं कि पुलिस अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई करे और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि शहर में फिर से सुरक्षित माहौल स्थापित हो सके।
