खटीमा/देहरादून: पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा स्थित सनातन धर्मशाला रामलीला मैदान में आयोजित भव्य होली मिलन समारोह में सहभागिता कर जनसमुदाय के साथ रंगों के पर्व की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति रही और पूरा मैदान उत्साह, उमंग और पारंपरिक लोकधुनों से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व हमारी समृद्ध लोक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने पारंपरिक कुमाऊँनी होली, शास्त्रीय होली तथा थारू होली गायन में भाग लेकर स्थानीय संस्कृति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है। अपने संबोधन में उन्होंने भावुक शब्दों में कहा कि खटीमा उनका घर है और यहां के निवासी उनका परिवार हैं, अपने लोगों के बीच आकर उन्हें विशेष आत्मीयता का अनुभव होता है।
उन्होंने उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और परंपराओं को प्रदेश की आत्मा बताते हुए कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। मातृशक्ति को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और इसी दिशा में समान नागरिक संहिता लागू की गई है। उन्होंने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति महिला सशक्तिकरण के बिना संभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने खटीमा को सर्वधर्म समभाव का प्रतीक बताते हुए इसे ‘मिनी इंडिया’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि यहां विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग प्रेम और सौहार्द के साथ रहते हैं तथा सभी त्योहारों को मिल-जुलकर मनाते हैं। आधुनिकता के दौर में भी पारंपरिक संस्कृति को जीवित रखना खटीमा की विशेष पहचान है।
उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि सभी मिलकर खटीमा, उत्तराखंड और देश के विकास में योगदान दें और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में सहभागी बनें। आयोजन समिति की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम सामाजिक समरसता को मजबूत करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय नागरिकों के साथ होली खेलकर उत्सव की आनंदमयी भावना को और प्रगाढ़ किया। इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
