देहरादून : किरायेदार सत्यापन को लेकर पुलिस ने कड़ा रुख अपना लिया है। अब बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किसी को भी मकान किराए पर देना मकान मालिकों को भारी पड़ सकता है। ऐसे मामलों में न केवल चालान किया जाएगा, बल्कि यदि किरायेदार की आपराधिक पृष्ठभूमि सामने आती है तो मकान मालिक के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। जो लोग स्वयं दूसरे शहरों में रहकर यहां अपना मकान किराए पर दे रहे हैं, उन्हें भी नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा।
यह निर्देश अपर पुलिस महानिदेशक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) डॉ. वी मुरुगेशन ने रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान जारी किए। बैठक में ‘ऑपरेशन क्रैक डाउन’ की प्रगति की समीक्षा करते हुए सभी क्षेत्राधिकारियों और थाना प्रभारियों को बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन अभियान को और तेज करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अंतरजनपदीय और अंतरराज्यीय चेक पोस्टों पर सघन चेकिंग कर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की निगरानी बढ़ाने को कहा गया।
‘ऑपरेशन स्माइल’ के तहत गुमशुदा व्यक्तियों और बच्चों की तलाश को लेकर भी विस्तृत समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सर्विलांस और फील्ड स्तर पर अभियान चलाकर गुमशुदाओं की शीघ्र बरामदगी सुनिश्चित की जाए।लावारिस शवों की पहचान के मामलों में भी तय एसओपी के अनुसार कार्रवाई करने और किसी भी स्तर पर ढिलाई न बरतने की सख्त हिदायत दी गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल के अनुसार, ‘ऑपरेशन क्रैकडाउन’ के तहत पिछले 12 दिनों में 1600 से अधिक लोगों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा चुकी है। वहीं, किरायेदार सत्यापन न कराने वाले 800 से अधिक मकान मालिकों पर पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए 80 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना वसूला गया है।
