देहरादून: प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर छात्र-युवाओं का असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को अग्रगामी छात्र-नौजवान सभा के बैनर तले युवाओं ने प्रदर्शन कर नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर सरकार और परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के कथित पेपर लीक से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। उनका आरोप है कि मामले में प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता की बातें सामने आई हैं और धनबल के जरिए परीक्षा की निष्पक्षता से समझौता किया गया।
युवाओं ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में कई प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे भर्ती और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना था कि बार-बार होने वाली ऐसी घटनाओं का सबसे अधिक नुकसान उन छात्रों को होता है, जो पूरी ईमानदारी और मेहनत से परीक्षा की तैयारी करते हैं।
प्रदर्शन के दौरान सभा के पदाधिकारियों ने मांग की कि परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाप्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।या जाए।
उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को समाप्त कर पूर्व की परीक्षा व्यवस्था लागू करने, पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों को आर्थिक मुआवजा देने, दोषी कंपनियों से हर्जाना वसूलने तथा व्यावसायिक परीक्षाओं के केंद्रीकरण को समाप्त करने की मांग उठाई।
