September 3, 2026

Day: September 2, 2026

देहरादून : मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन ने बुधवार को प्रदेश में संचालित एवं प्रस्तावित विभिन्न रोपवे...
उत्तराखंड में बारिश से बढ़ी मुश्किलें, यमुनोत्री हाईवे पर जोखिमभरी आवाजाही; गंगोत्री मार्ग पर भी भूस्खलन उत्तरकाशी। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारी बारिश के कारण यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर भूस्खलन, मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही सुरक्षित बनाने के प्रयास यमुनोत्री हाईवे पर बुधवार को सिलाई बैंड, स्याना चट्टी, जंगल चट्टी और फूलचट्टी के पास मार्ग को सुरक्षित बनाने का काम जारी रहा। निर्माण कार्य एजेंसी के पीएम गोपाली श्रीनिवासुलू रेड्डी के अनुसार, फूलचट्टी में सिकिंग जोन के कारण आरबीएम बिछाया जा रहा है। स्याना चट्टी में वायरक्रेट भरकर सड़क को सुरक्षित बनाया जा रहा है। वहीं सिलाई बैंड में चट्टान की कटिंग कर यातायात को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है। गंगोत्री हाईवे पर दिनभर आती-जाती रही परेशानी मंगलवार को गंगोत्री हाईवे पर नेताला, धरासू पुल, नालूपानी और नगुण के पास भूस्खलन और मलबा आने से यातायात प्रभावित रहा। सुबह नेताला और धरासू पुल के पास भूस्खलन के कारण आवाजाही बंद हो गई। बीआरओ की टीम ने मौके पर पहुंचकर मशीनों से मलबा हटाया, जिसके करीब दो घंटे बाद यातायात बहाल हो सका। इसके बाद नालूपानी के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में भी सुबह और दोपहर के दौरान मलबा आने से कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। बीआरओ की टीम ने मलबा हटाकर मार्ग को फिर से खोल दिया। नगुण में मलबा आने से हाईवे देर शाम तक रहा बंद नगुण के पास मंगलवार दोपहर अचानक भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। इसके कारण गंगोत्री हाईवे पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर यात्री वाहन फंस गए। हाईवे को खोलने के लिए बीआरओ ने पनियाली से मशीन मौके पर भेजी। काफी मशक्कत के बाद देर शाम मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया जा सका। सिलक्यारा सुरंग के पास पेड़ गिरने से यमुनोत्री हाईवे बाधित यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा सुरंग के सामने पेड़ गिरने से भी कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पेड़ हटाए जाने के बाद शाम तक मार्ग को दोबारा आवाजाही के लिए खोल दिया गया। नदियों का जलस्तर बढ़ा, किनारे के इलाकों में अलर्ट लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर के करीब बह रही हैं। जलस्तर बढ़ने को देखते हुए नदी किनारे बसे क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

उत्तराखंड में बारिश से बढ़ी मुश्किलें, यमुनोत्री हाईवे पर जोखिमभरी आवाजाही; गंगोत्री मार्ग पर भी भूस्खलन उत्तरकाशी। उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भारी बारिश के कारण यमुनोत्री और गंगोत्री हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हो रही है। कई स्थानों पर भूस्खलन, मलबा और चट्टानें गिरने से यातायात बार-बार बाधित हो रहा है। यमुनोत्री हाईवे पर आवाजाही सुरक्षित बनाने के प्रयास यमुनोत्री हाईवे पर बुधवार को सिलाई बैंड, स्याना चट्टी, जंगल चट्टी और फूलचट्टी के पास मार्ग को सुरक्षित बनाने का काम जारी रहा। निर्माण कार्य एजेंसी के पीएम गोपाली श्रीनिवासुलू रेड्डी के अनुसार, फूलचट्टी में सिकिंग जोन के कारण आरबीएम बिछाया जा रहा है। स्याना चट्टी में वायरक्रेट भरकर सड़क को सुरक्षित बनाया जा रहा है। वहीं सिलाई बैंड में चट्टान की कटिंग कर यातायात को सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है। गंगोत्री हाईवे पर दिनभर आती-जाती रही परेशानी मंगलवार को गंगोत्री हाईवे पर नेताला, धरासू पुल, नालूपानी और नगुण के पास भूस्खलन और मलबा आने से यातायात प्रभावित रहा। सुबह नेताला और धरासू पुल के पास भूस्खलन के कारण आवाजाही बंद हो गई। बीआरओ की टीम ने मौके पर पहुंचकर मशीनों से मलबा हटाया, जिसके करीब दो घंटे बाद यातायात बहाल हो सका। इसके बाद नालूपानी के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्र में भी सुबह और दोपहर के दौरान मलबा आने से कई घंटे तक यातायात बाधित रहा। बीआरओ की टीम ने मलबा हटाकर मार्ग को फिर से खोल दिया। नगुण में मलबा आने से हाईवे देर शाम तक रहा बंद नगुण के पास मंगलवार दोपहर अचानक भारी मात्रा में मलबा सड़क पर आ गया। इसके कारण गंगोत्री हाईवे पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर यात्री वाहन फंस गए। हाईवे को खोलने के लिए बीआरओ ने पनियाली से मशीन मौके पर भेजी। काफी मशक्कत के बाद देर शाम मार्ग को यातायात के लिए बहाल किया जा सका। सिलक्यारा सुरंग के पास पेड़ गिरने से यमुनोत्री हाईवे बाधित यमुनोत्री हाईवे पर सिलक्यारा सुरंग के सामने पेड़ गिरने से भी कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। पेड़ हटाए जाने के बाद शाम तक मार्ग को दोबारा आवाजाही के लिए खोल दिया गया। नदियों का जलस्तर बढ़ा, किनारे के इलाकों में अलर्ट लगातार बारिश के कारण अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर के करीब बह रही हैं। जलस्तर बढ़ने को देखते हुए नदी किनारे बसे क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

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