रानीखेत (अल्मोड़ा)। मजखाली क्षेत्र में लंबे समय से बिजली और पेयजल की समस्या झेल रहे ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन भेजकर दोनों समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ तो आगामी चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार, जल जीवन मिशन के तहत पेयजल टंकी का निर्माण तो कर दिया गया है, लेकिन पंपिंग और संचालन व्यवस्था सुचारु नहीं होने के कारण लोगों को नियमित पानी नहीं मिल पा रहा है। पानी की आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं, बिजली व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों में नाराजगी है। जंगल क्षेत्र से गुजर रही बिजली लाइन में आए दिन खराबी आने के कारण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति बाधित होती रहती है। ग्रामीणों ने मजखाली को रानीखेत फीडर से हटाकर नैनी फीडर से जोड़ने की मांग की है, ताकि बिजली आपूर्ति में सुधार हो सके।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्याएं उठाए जाने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हुआ है। इसी कारण उन्होंने अब चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है।
ज्ञापन देने और चुनाव बहिष्कार की चेतावनी देने वालों में एनएस अधिकारी, केशव राम, महेंद्र सिंह, योगेश सिंह, चंदन राम, नंदन प्रसाद, गणेश अधिकारी, गौरव अधिकारी, बालम राम, राम सिंह, कैलाश सिंह, मोहन सिंह, श्याम सिंह, निर्मल पांडेय और शिवराज सिंह आदि शामिल रहे।
नया बिजलीघर बनने के बाद ही संभव होगा फीडर परिवर्तन
विद्युत विभाग के रानीखेत एसडीओ आयुष चौहान ने बताया कि मजखाली को सीधे नैनी फीडर से जोड़ना फिलहाल संभव नहीं है। इसके लिए नया बिजलीघर बनाना होगा। इसका प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
