देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी डिजिटल सिस्टम पर साइबर हमले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उत्तराखंड पुलिस की ऑनलाइन एफआईआर सेवा पिछले करीब 15 दिनों से ठप है। वहीं, 21 अगस्त की रात राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के डिजिटल सिस्टम में भी सेंध लगने की जानकारी सामने आई है। दोनों घटनाओं की जांच की जा रही है।
साइबर हमले से पुलिस की ऑनलाइन एफआईआर सेवा प्रभावित
उत्तराखंड पुलिस की सीसीटीएनएस सेवा के जरिए नागरिक ऑनलाइन एफआईआर दर्ज करने और दर्ज मामलों की जानकारी देखने जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन पिछले करीब 15 दिनों से एफआईआर सर्च करने वाला लिंक नहीं खुल रहा है और सर्वर एरर दिखाई दे रहा है।
सूत्रों के अनुसार, साइबर हमले के कारण सर्वर को नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हुई हैं। पुलिस ने वैकल्पिक लिंक उपलब्ध कराया है, लेकिन उस पर भी एफआईआर देखने की सुविधा तकनीकी कारणों से बंद बताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, पुराने लिंक के जरिए एफआईआर की प्रतियां सीधे डाउनलोड किए जाने का दुरुपयोग हो रहा था। इसका इस्तेमाल साइबर अपराधी अपने अपराधों को अंजाम देने में कर रहे थे। सुरक्षा को देखते हुए उस लिंक को प्रतिबंधित कर दिया गया है।
आईजी सीसीटीएनएस/एसटीएफ डॉ. नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि पीड़ित पक्ष लॉगिन के माध्यम से अपनी एफआईआर देख सकते हैं।
2023 में भी हुआ था सीसीटीएनएस पर हमला
उत्तराखंड के पुलिस डिजिटल सिस्टम पर इससे पहले भी साइबर हमला हो चुका है। वर्ष 2023 में सीसीटीएनएस को निशाना बनाया गया था। मौजूदा घटना के बाद सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म की साइबर सुरक्षा को लेकर फिर सवाल उठने लगे हैं।
स्वास्थ्य प्राधिकरण के डेटा में भी सेंध
इसी बीच राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के डिजिटल सिस्टम में भी सेंध की जानकारी सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, 21 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे किसी ने प्राधिकरण के क्रेडेंशियल यानी आईडी और पासवर्ड से जुड़ा डेटा कॉपी किया। डेटा कॉपी किए जाने का अलर्ट भी सिस्टम में आया था।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण आयुष्मान योजना और गोल्डन कार्ड जैसी स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा है। ऐसे में यहां कर्मचारियों और आम लोगों से संबंधित बड़ी मात्रा में डेटा मौजूद है। डेटा कॉपी होने की घटना ने सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
आईटीडीए ने मांगा जवाब
डेटा कॉपी होने की जानकारी मिलने के बाद आईटीडीए ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अधिकारियों से जवाब मांगा है। प्राधिकरण के अधिकारियों का कहना है कि जिस समय डेटा कॉपी किए जाने की बात सामने आई, उस समय कार्यालय बंद था। इसके बावजूद जांच की जा रही है कि उस दौरान कोई व्यक्ति कार्यालय में मौजूद तो नहीं था।
प्राधिकरण के अपर निदेशक आईटी अमित शर्मा ने बताया कि आईटीडीए ने इस संबंध में जानकारी मांगी है और मामले की जांच की जा रही है।
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने उत्तराखंड के सरकारी डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि दोनों मामलों में साइबर सेंध कैसे लगी और कहीं संवेदनशील डेटा का दुरुपयोग तो नहीं हुआ।
