देहरादून: जनगणना के दूसरे चरण में कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर प्रशासन ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। इसके तहत कर्मचारियों को उनके तैनाती स्थल के नजदीक ही जनगणना ब्लॉक आवंटित किए जाएंगे। वहीं, स्वास्थ्य संबंधी कारणों से ड्यूटी से छूट मांगने वाले कर्मचारियों के आवेदनों पर मेडिकल बोर्ड की सिफारिश के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा।
सचिव जनगणना दीपक कुमार की ओर से जारी एसओपी में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना अधिनियम के तहत कोई भी विभाग अपने कर्मचारी को जनगणना कार्य में ड्यूटी देने से इनकार नहीं कर सकता। नियमों का पालन नहीं करने वाले विभागों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है।
एसओपी के अनुसार कर्मचारियों को उनके तैनाती स्थल के सबसे नजदीक के ब्लॉक में ड्यूटी देने की व्यवस्था की जाएगी। जनगणना कार्य के लिए प्राथमिकता के आधार पर ऐसे स्कूलों के शिक्षकों को लिया जाएगा, जहां शिक्षकों की संख्या अधिक है। इसका उद्देश्य जनगणना ड्यूटी के कारण स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित होने से रोकना है।
वहीं, एकल शिक्षक वाले स्कूलों के शिक्षकों को जनगणना ड्यूटी से मुक्त रखा जाएगा। स्वास्थ्य संबंधी कारणों से ड्यूटी से छूट के लिए आवेदन करने वाले कर्मचारियों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा। बोर्ड की रिपोर्ट और सिफारिश के आधार पर ही संबंधित कर्मचारी को ड्यूटी से छूट देने पर फैसला होगा।जनगणना के लिए रिजर्व में रखे गए कर्मचारियों को ड्यूटी के आधार पर अपने नियमित कार्य से छूट का दावा करने की अनुमति नहीं होगी।
