
आने वाले दिनों में सरकार आपदा प्रभावितों को मिलने वाली मुआवजा राशि में इजाफा करने पर विचार कर रही है। मैंने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ इस मुद्दे पर मंत्रणा के बाद आपदा प्रबंधन विभाग को शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
– पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री
देहरादून। उत्तराखंड में आपदा प्रभावितों को मिलने वाली मुआवजा राशि को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए सरकार ने आपदा प्रबंधन विभाग को शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को हुई कैबिनेट की बैठक के एजेंडे से हटकर प्रदेश में आई आपदा पर चर्चा की गई।
अब तक मृतकों के परिजनों को चार लाख रुपये देने का प्रावधान है। इसे बढ़ाकर पांच लाख किया जा सकता है। आवास की क्षति होने पर पहाड़ में एक लाख एक हजार नौ सौ रुपये और मैदान में 95 हजार रुपये देने का प्रावधान है। इस राशि को भी बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा व्यावसायिक भवनों, कृषि भूमि, फसलों के नुकसान आदि पर दी जाने वाली मुआवजा राशि को भी बढ़ाया जा सकता है।
वर्तमान में दी जाने वाली मुआवजा राशि
- आपदा में मारे जाने पर परिजनों को चार लाख रुपये
- आवासीय भवनों के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने पर पहाड़ में एक लाख एक हजार नौ सौ रुपये और मैदान में 95 हजार रुपये
- 40 से 60 प्रतिशत अपंगता पर 59 हजार एक सौ रुपये
- 60 प्रतिशत से अधिक अपंगता पर दो लाख रुपये
- जानलेवा चोट लगने पर अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में 12 हजार सात सौ रुपये
- एक सप्ताह से अधिक अवधि तक अस्पताल में भर्ती रहने पर 43 हजार रुपये
- घर बह जाने पर कपड़ों और दूसरे सामान की जरूरतों के लिए 20 हजार रुपये
- आपदा के दौरान प्रभावित परिवारों के जीवन व्यापन के लिए प्रति वयस्यक 60 रुपये और बच्चों के लिए 45 रुपये प्रतिदिन (30 से 60 दिन तक)
(नोट : इसके अलावा राहत एवं बचाव में कार्यों में लगने वाली एजेंसियों के लिए भी राहत एवं बचाव के उपकरणों, संसाधनों को जुटाने के लिए दरें तय हैं, इनमें भी बदलाव हो सकता है।)
मुआवजा राशि किस मद में कितनी बढ़ाई जाएगी। इस पर अन्य राज्यों का अध्ययन करने और राज्य की परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा। विभाग यथा शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर सरकार को सौंप देगा।
– डॉ. रंजित सिन्हा, सचिव आपदा प्रबंधन विभाग