
देहरादून। उत्तरकाशी जिले के धराली में आपदा के कारणों की जांच के लिए विशेषज्ञों की टीम जुटी है। विशेषज्ञ बादल फटने के अलावा अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रहे हैं। इसके तहत ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञ आपदा वाले दिन और उससे पहले के चार दिनों की वर्षा का डेटा इकट्ठा कर रहे हैं। यह जानकारी वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान के दो हजार मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थापित उपकरणों से ली जा रही है। साथ ही सीबीआरआई रुड़की, आईआईटी रुड़की और जीएसआई के विशेषज्ञ भी जांच में शामिल हैं।
डोकरानी ग्लेशियर क्षेत्र में लगे उपकरण से भी वर्षा का डेटा लिया जा रहा है। विशेषज्ञों ने बताया कि गंगोत्री और डोकरानी ग्लेशियर क्षेत्र में बरसात की मात्रा में चार गुना अंतर दर्ज हुआ है। आपदा का सही कारण विशेषज्ञों की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।