देहरादून : अखंड भारत के शिल्पकार, महान स्वतंत्रता सेनानी और ‘भारत रत्न’ लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल के योगदान को स्मरण करते हुए उनके राष्ट्रनिर्माण में दिए गए अमूल्य योगदान को नमन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपने दूरदर्शी नेतृत्व, राष्ट्रनिष्ठ विचारधारा और अदम्य साहस के बल पर देश की सैकड़ों रियासतों का एकीकरण कर एक अखंड, सशक्त और संगठित भारत की नींव रखी। स्वतंत्रता के बाद देश जिस नाजुक दौर से गुजर रहा था, उस समय सरदार पटेल ने दृढ़ इच्छाशक्ति, कूटनीतिक कुशलता और कठोर निर्णय क्षमता के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया। उनके प्रयासों के बिना आज का भारत इस रूप में साकार नहीं हो पाता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का राष्ट्रहित के प्रति अटल संकल्प, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा आज भी प्रत्येक नागरिक, विशेषकर जनसेवकों और युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने अपने संपूर्ण जीवन को देश की सेवा, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता के लिए समर्पित कर दिया। उनके विचार और सिद्धांत हमें यह सिखाते हैं कि कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ता, साहस और निष्ठा के साथ निर्णय लेना ही सच्चे नेतृत्व की पहचान है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरदार पटेल का योगदान केवल राजनीतिक एकीकरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और सुशासन की परंपरा स्थापित करने में भी अहम भूमिका निभाई। आधुनिक भारत की प्रशासनिक संरचना को सुदृढ़ बनाने में उनके विचार और निर्णय आज भी मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की एकता, अखंडता और सामाजिक समरसता के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए यह संकल्प लेने की आवश्यकता है कि हम उनके आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्रहित में कार्य करें और भारत की एकता एवं अखंडता को और अधिक सशक्त बनाने में अपना योगदान दें।
