मुजफ्फरनगर : मुजफ्फरनगर में सोमवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र स्थित वसुंधरा रेजीडेंसी में एक किराये के मकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग के साथ हुए दो जोरदार धमाकों ने पूरे मकान को चपेट में ले लिया, जिसमें एक ही परिवार के तीन लोगों की जलकर और दम घुटने से मौत हो गई। हादसे के बाद कॉलोनी में अफरा-तफरी मच गई और पूरे इलाके में मातम छा गया।
मृतकों की पहचान देवबंद तहसील में तैनात कानूनगो अमित गौड़ (47), उनके छोटे भाई नितिन गौड़ (45) और उनकी वृद्ध मां सुशीला देवी (70) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि तीनों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। वहीं, आग बुझाने और मदद के लिए आगे आए पड़ोसी आदित्य राणा भी गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार अमित गौड़ पिछले करीब दो महीनों से अपने परिवार के साथ वसुंधरा रेजीडेंसी में रह रहे थे। यह मकान कुटबा गांव निवासी अरविंद कुमार का है, जिसमें अमित का परिवार दूसरी मंजिल पर किराये पर रह रहा था। सोमवार शाम ठंड से बचने के लिए घर में अंगीठी जलाई गई थी। इसी दौरान रसोई क्षेत्र में मौजूद गैस सिलिंडर से गैस लीक होने की आशंका जताई जा रही है, जिसने आग पकड़ ली और देखते ही देखते पूरा घर आग की लपटों में घिर गया।
हादसे के समय अमित की पत्नी ऋचा और उनकी दोनों बेटियां घर पर मौजूद नहीं थीं। वे कॉलोनी में पालतू कुत्ते को टहलाने के लिए बाहर गई हुई थीं। कुछ ही देर बाद पड़ोसियों ने मकान से धुआं उठता देखा और उन्हें फोन कर सूचना दी। परिजन जब तक वापस लौटे, तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। घर के भीतर जाने की कोशिश के दौरान ऋचा को भी चोट आई, जिन्हें आसपास के लोगों ने जबरन पीछे हटाया।
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन घना धुआं और ऊंची लपटें राहत कार्य में बड़ी बाधा बनीं। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद जब दमकल कर्मी मकान के भीतर पहुंचे तो अलग-अलग कमरों से तीनों के शव बरामद किए गए। यह दृश्य देखकर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग की पहुंच को लेकर नाराजगी भी जताई। उनका कहना था कि यदि समय पर राहत पहुंच जाती, तो शायद जानें बचाई जा सकती थीं। आग और धुएं की वजह से पूरी कॉलोनी में देर तक दहशत का माहौल बना रहा।
घटना की जानकारी मिलने पर कौशल विकास राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और प्रशासनिक अधिकारियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अंगीठी की चिंगारी के संपर्क में आकर गैस ने आग पकड़ ली, जिसके बाद सिलिंडर में धमाके हुए। फिलहाल पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
इस दर्दनाक हादसे ने एक खुशहाल परिवार को पलभर में उजाड़ दिया। कॉलोनी के लोग अब भी इस त्रासदी से उबर नहीं पाए हैं और हर कोई यही सवाल कर रहा है कि क्या थोड़ी सी सतर्कता इस भयावह हादसे को टाल सकती थी।
