📍 उत्तरकाशी: धराली–हर्षिल में तबाही
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5 अगस्त को धराली, हर्षिल की खीरगंगा और तेलगाड़ में आई आपदा में 60 से अधिक लोग और 9 जवान मलबे में दबे।
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धराली का बाजार 25–30 फीट मलबे में दबकर जमींदोज।
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यमुनोत्री घाटी में सिलाई बैंड के पास बादल फटने से 7 मजदूर बह गए।
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कुपड़ाखड्ड के उफान से यमुना में झील बनने पर स्यानाचट्टी के अस्तित्व पर संकट।
❄️ चमोली: हिमस्खलन और थराली की आपदा
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28 फरवरी को माणा कैंप के पास भारी हिमस्खलन; 55 मजदूर दबे, 8 की मौत।
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22 अगस्त को थराली में कोटडीप, राड़ीबगड़, अपर बाजार, कुलसारी, चेपड़ों, सगवाड़ा समेत कई इलाके प्रभावित।
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चेपड़ों में एक बुजुर्ग और सगवाड़ा में 20 वर्षीय युवती की जान गई।
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17 सितंबर को नंदानगर क्षेत्र में अतिवृष्टि और बादल फटने से कुंतरी, धुर्मा, सेरा गांव प्रभावित; फाली गांव में 5 मौतें।
🌧️ देहरादून: 101 साल का बारिश रिकॉर्ड टूटा
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15–16 सितंबर की रात दून में मूसलाधार बारिश ने 2013 केदारनाथ आपदा की याद दिला दी।
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सहस्रधारा (264.0 मिमी)—101 साल में सर्वाधिक; 1924 का रिकॉर्ड टूटा।
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मालदेवता (149.0 मिमी), कालसी (119.5 मिमी), नैनीताल (105.0 मिमी)।
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नंदा की चौकी का पुल बहा/क्षतिग्रस्त; कई क्षेत्रों में संपर्क टूटा।
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घरों, होटलों में पानी, सड़कें-पुल बहने और भूस्खलन से भारी नुकसान।
🔎 मुख्य बिंदु (Highlights)
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🌊 बादल फटना, अतिवृष्टि और हिमस्खलन से व्यापक नुकसान
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🏘️ बाजार, मकान, सड़कें और पुल प्रभावित
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📊 दून में सामान्य से 1136% अधिक बारिश
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⚠️ कई क्षेत्रों में जन-जीवन और संपर्क बाधित
