देहरादून।
अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़ा एक और ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में एक व्यक्ति एक महिला पर आरोप लगाते हुए सुना जा सकता है कि उसने चर्चित मामले में एक बड़े नेता का नाम नहीं लिया, इसलिए वह धोखेबाज है। हालांकि, इस वायरल ऑडियो की अमर उजाला पुष्टि नहीं करता है।
वायरल ऑडियो में व्यक्ति यह कहते हुए सुना जा रहा है कि तीन लोगों में से किसी एक के कहने पर महिला ने नेता का नाम नहीं लिया। इसके जवाब में महिला एक बड़े नेता का नाम लेते हुए कहती है कि वह उसे बर्बाद करना चाहते थे। महिला का आरोप है कि दबाव बनाकर उसे आरोपी बनाया गया और ब्लैकमेलिंग व मानहानि के मामलों में जेल भेजने की कोशिश की गई।
बातचीत के दौरान व्यक्ति धोखेबाजी की बात दोहराते हुए कहता है कि पहले नाम लेने का वादा हुआ था। इस पर महिला कहती है कि मीडिया ने जो सवाल पूछे, उसने उसी का जवाब दिया। इसके बाद व्यक्ति मीडिया को लेकर भी अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करता हुआ सुनाई देता है।
दुष्यंत गौतम को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत
अंकिता भंडारी हत्याकांड में अपना नाम उछाले जाने के मामले में भाजपा नेता दुष्यंत गौतम ने दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया था। गुरुवार को हुई सुनवाई में हाई कोर्ट ने उन्हें बड़ी राहत दी। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को मानहानिकारक मानते हुए कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आप) और अन्य सोशल मीडिया हैंडल्स को दुष्यंत गौतम से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं।
अंतरिम आदेश में जस्टिस मिनी पुष्करणा ने कांग्रेस और आप को हत्या के मामले में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव को कथित ‘वीआईपी’ बताकर टारगेट करने वाला कोई भी कंटेंट पोस्ट करने से भी रोक दिया है।
गौरतलब है कि हाल ही में सोशल मीडिया पर अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कुछ पोस्ट सामने आई थीं, जिनमें दुष्यंत गौतम का नाम कथित तौर पर जोड़ा गया था। दुष्यंत गौतम ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे उनकी छवि खराब करने की साजिश बताया था, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित सभी विवादास्पद पोस्ट, वीडियो और अन्य सामग्री हटाने के आदेश दिए हैं।
