नई दिल्लीः देश की सत्ता का नया ठिकाना अब लगभग तैयार है। रायसीना हिल के पास बना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नया कार्यालय अंतिम चरण में पहुंच चुका है। निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है और संभावना है कि इसी महीने के अंत तक प्रधानमंत्री यहां से कामकाज शुरू कर देंगे।सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत बने इस नए परिसर को अब ‘सेवा तीर्थ’ नाम दिया गया है। पहले इसे कार्यकारी एन्क्लेव कहा जा रहा था, लेकिन अब इसे नई पहचान दी गई है। इस भव्य परिसर में तीन आधुनिक इमारतें बनाई गई हैं।
सेवा तीर्थ-1 में प्रधानमंत्री कार्यालय होगा, सेवा तीर्थ-2 में मंत्रिमंडल सचिवालय कार्य करेगा,जबकि सेवा तीर्थ-3 में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल का कार्यालय होगा।परिसर को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया गया है। यहां गणमान्य अतिथियों से मुलाकात के लिए विशेष कक्ष बनाए गए हैं, जिनमें भारतीय संस्कृति और परंपरा की झलक भी दिखाई देती है। कैबिनेट बैठकों के लिए एक नया भव्य कक्ष तैयार किया गया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय को ओपन फ्लोर मॉडल में विकसित किया गया है, जिससे कार्य संस्कृति में पारदर्शिता और संवाद को बढ़ावा मिले।सेंट्रल विस्टा परियोजना के अंतर्गत नया संसद भवन और उपराष्ट्रपति आवास पहले ही बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके साथ ही कई मंत्रिस्तरीय कार्यालय भी नए कर्तव्य भवन में स्थानांतरित हो चुके हैं।वहीं औपनिवेशिक दौर की पहचान रहे नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को अब एक विशाल राष्ट्रीय संग्रहालय में बदला जाएगा, जहां भारत की 5,000 साल पुरानी सभ्यता की झलक देखने को मिलेगी। संग्रहालय के पहले चरण का उद्घाटन अगले वर्ष की शुरुआत में प्रस्तावित है।प्रधानमंत्री का नया आवास भी सेवा तीर्थ परिसर के पास ही बनाया जा रहा है और इसके पूरा होते ही वे 7, लोक कल्याण मार्ग स्थित वर्तमान आवास से स्थानांतरित हो जाएंगे।
