दूरदर्शन की दिग्गज समाचार एंकर सरला माहेश्वरी का 71 वर्ष की आयु में दिल्ली में निधन हो गया। 1976 से 2005 तक उन्होंने दूरदर्शन में सेवाएं दीं और 1980 के दशक में वे समाचार जगत का विश्वसनीय चेहरा बनीं। उनकी शांत और गरिमामय प्रस्तुति शैली ने उन्हें विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका अंतिम संस्कार 12 फरवरी 2026 को शाम 4 बजे दिल्ली के निगम बोध घाट पर किया जाएगा। उनके निधन से मीडिया जगत और दर्शकों में गहरा शोक है।
दिल्ली में हुआ निधन, दूरदर्शन ने दी जानकारी
दिल्ली : दूरदर्शन की वरिष्ठ और प्रतिष्ठित समाचार एंकर सरला माहेश्वरी का दिल्ली में 71 वर्ष की आयु में निधन हो गया। सार्वजनिक प्रसारक डीडी न्यूज़ ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर उनके निधन की जानकारी साझा की। इस समाचार के सामने आते ही मीडिया जगत, सहकर्मियों और दर्शकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
1980 के दशक की पहचान बनीं सरला माहेश्वरी
सरला माहेश्वरी 1980 के दशक में डीडी न्यूज़ का एक जाना-पहचाना और विश्वसनीय चेहरा थीं। उस दौर में जब दूरदर्शन देश का प्रमुख और लगभग एकमात्र टीवी समाचार माध्यम था, शाम का समाचार बुलेटिन करोड़ों दर्शकों की दिनचर्या का अहम हिस्सा हुआ करता था। उनकी आवाज़ और प्रस्तुति शैली ने उन्हें घर-घर में पहचान दिलाई।
1976 से 2005 तक का लंबा और गरिमामय करियर
सरला माहेश्वरी ने वर्ष 1976 में दूरदर्शन से अपने करियर की शुरुआत की। दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी की पढ़ाई के दौरान उन्होंने ऑडिशन दिया और चयनित हुईं। शुरुआत में उन्होंने उद्घोषक के रूप में कार्य किया और बाद में समाचार वाचन की जिम्मेदारी संभाली। लगभग तीन दशकों तक उन्होंने दूरदर्शन के साथ काम किया और 2005 तक सक्रिय रहीं।उन्होंने भारतीय टेलीविजन के उस दौर को करीब से देखा, जब प्रसारण ब्लैक एंड व्हाइट से रंगीन हुआ और जब निजी 24×7 समाचार चैनल अस्तित्व में आए। इसके बावजूद उनकी पहचान और विश्वसनीयता कायम रही।
शांत, संयमित और शालीन प्रस्तुति की मिसाल
सरला माहेश्वरी अपनी असीम शालीनता, सादगी और त्रुटिहीन हिंदी उच्चारण के लिए जानी जाती थीं। उनकी प्रस्तुति शांत, संयमित और औपचारिक हुआ करती थी, जो उस दौर के समाचार वाचन की विशेष पहचान थी। दर्शक उनकी स्थिर आवाज़ और संतुलित शैली को आज भी याद करते हैं। कई लोगों ने उन्हें भारतीय टेलीविजन की गरिमामय और आश्वस्त करने वाली उपस्थिति बताया है।
