देहरादून: मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास और आत्मिक शुद्धि का प्रतीक है। यह दिन भगवान शिव और माता शक्ति की आराधना का विशेष अवसर होता है, जब श्रद्धालु उपवास रखकर, मंदिरों में जलाभिषेक कर और रात्रि जागरण के माध्यम से भोलेनाथ की कृपा प्राप्त करने का प्रयास करते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महाशिवरात्रि का पर्व हमें संयम, समर्पण और सकारात्मक ऊर्जा का संदेश देता है। भगवान शिव त्याग, करुणा और सरलता के प्रतीक हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य और संतुलन बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिव और शक्ति का मिलन सृष्टि के संतुलन और सामंजस्य का प्रतीक है, जो समाज में प्रेम, एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में आगे कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और यहां के कण-कण में भगवान शिव का वास माना जाता है। केदारनाथ धाम सहित प्रदेश के अनेक शिवालयों में इस दिन विशेष पूजा-अर्चना और कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। महाशिवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
उन्होंने कहा कि यह पर्व आध्यात्मिक जागरण का भी संदेश देता है। महाशिवरात्रि की रात्रि को विशेष महत्व दिया जाता है, क्योंकि यह आत्मचिंतन और साधना का समय है। इस दिन व्यक्ति अपने भीतर की नकारात्मकता को त्यागकर सकारात्मक सोच को अपनाने का संकल्प लेता है। यही भावना समाज और राष्ट्र के विकास का आधार बनती है।
मुख्यमंत्री ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि उनकी असीम कृपा प्रदेशवासियों पर सदैव बनी रहे। उन्होंने प्रदेश की उन्नति, समृद्धि और खुशहाली के लिए मंगलकामना करते हुए कहा कि सभी नागरिक स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध जीवन व्यतीत करें। उन्होंने यह भी कामना की कि प्रदेश निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़े और हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करे।अंत में मुख्यमंत्री ने सभी से आह्वान किया कि इस पावन अवसर पर वे आपसी सद्भाव, सहयोग और सकारात्मक सोच के साथ समाज को मजबूत बनाने में योगदान दें तथा महाशिवरात्रि के संदेश को अपने जीवन में उतारें।
