देहरादून: उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड ने राज्य के सरकारी विभागों और निजी औद्योगिक इकाइयों पर बकाया बिजली बिलों की सूची अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक कर दी है। दो मार्च 2026 तक की स्थिति के अनुसार कुल 104.57 करोड़ रुपये का बिल लंबित है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति में आने वाले महीनों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। अगली समीक्षा रिपोर्ट अप्रैल 2026 के पहले सप्ताह में जारी की जाएगी।
अल्मोड़ा जिले में जल संस्थान के एक ही खाते पर 10.34 करोड़ रुपये का बकाया दर्ज है, जो प्रदेश के बड़े बकायों में शामिल है। ऊधम सिंह नगर में पेयजल निगम और लघु डाल नहर खंड भी करोड़ों के बकाएदारों की सूची में शामिल हैं। टिहरी जिले में पेयजल निगम पर 4.52 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, जबकि गंगा पॉल्यूशन कंट्रोल प्रोजेक्ट पर भी एक करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी दर्ज की गई है। चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में सोबन सिंह जीना मेडिकल कॉलेज पर 14.64 लाख रुपये का बिजली बिल लंबित है।
हरिद्वार के ज्वालापुर डिवीजन में प्रोजेक्ट मैनेजर (मैकेनिकल) सी एड एमएम यूनिट (गंगा) पर 4.49 करोड़ रुपये और परियोजना प्रबंधक पर 2.16 करोड़ रुपये का बकाया है। हरिद्वार शहरी क्षेत्र की ट्यूबवेल योजनाओं, जैसे रसूलपुर और लालढांग, पर भी लाखों रुपये का बिल बकाया है। रुड़की में एक निजी औद्योगिक इकाई पर सबसे अधिक 3.75 करोड़ रुपये की देनदारी दर्ज की गई है।
राजधानी देहरादून में जलकल अभियंता के विभिन्न खातों पर करोड़ों रुपये का बकाया है, जिनमें एक खाते पर 1.63 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लंबित है। नैनीताल में नलकूप खंड पर 44.78 लाख रुपये का बकाया है, जबकि चंपावत में ईई नलकूप खंड के कई खातों पर लाखों रुपये लंबित हैं। बड़कोट में जल संस्थान पर 25.90 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया है। विभाग ने सभी बकाएदार संस्थानों को शीघ्र भुगतान करने की चेतावनी जारी की है।
