देहरादून : उत्तराखंड के ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के प्रथम चरण के अंतर्गत शेष सड़कों को पूरा करने की समयसीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ाए जाने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने इस महत्वपूर्ण फैसले के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार के इस निर्णय से उत्तराखंड राज्य को बड़ी राहत मिलने वाली है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण के अंतर्गत अभी भी लगभग 55 सड़क निर्माण कार्य अधूरे हैं। पहले इन अधूरे कार्यों को पूरा करने का पूरा वित्तीय भार राज्य सरकार पर आने की संभावना थी, जिससे राज्य के बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता था।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा समयसीमा बढ़ाए जाने के साथ-साथ इन कार्यों के लिए वित्तीय साझेदारी का प्रावधान भी यथावत रखा गया है। इसके तहत सड़क निर्माण कार्यों की लागत का 90 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी। इससे राज्य सरकार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम होगा और अधूरे पड़े सड़क कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि उत्तराखंड एक पर्वतीय राज्य है, जहां दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सड़क संपर्क बेहद महत्वपूर्ण होता है। कई गांव आज भी ऐसे हैं जहां बेहतर सड़क सुविधा न होने के कारण लोगों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। केंद्र सरकार के इस निर्णय से उन क्षेत्रों में सड़क निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और ग्रामीणों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो सकेगी।
उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल आवागमन की सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण विकास की आधारशिला है। जब गांवों तक अच्छी सड़कें पहुंचती हैं तो शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि विपणन और रोजगार के नए अवसर भी खुलते हैं। सड़क संपर्क बेहतर होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोग आसानी से बाजारों, अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंच सकेंगे।
ग्राम्य विकास मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से देशभर के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सड़क नेटवर्क का विस्तार किया गया है और उत्तराखंड में भी इस योजना के अंतर्गत हजारों किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा चुका है। अब प्रथम चरण के बचे हुए कार्यों को पूरा करने के लिए समयसीमा बढ़ने से प्रदेश के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार और संबंधित विभाग मिलकर निर्धारित समयसीमा के भीतर इन सभी अधूरे कार्यों को पूरा करने का प्रयास करेंगे, ताकि प्रदेश के दूरस्थ गांवों को बेहतर सड़क सुविधा मिल सके। मंत्री ने कहा कि इस निर्णय से न केवल ग्रामीण संपर्क मजबूत होगा बल्कि राज्य के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।
**संक्षेप में:** केंद्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के प्रथम चरण के तहत अधूरी सड़कों को पूरा करने की समयसीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ाने से उत्तराखंड को बड़ी राहत मिली है। इससे राज्य पर वित्तीय बोझ कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क तथा विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
