कराची : इस वक्त गंभीर प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है, जहां बुधवार रात से शुरू हुई तेज बारिश और आंधी-तूफान ने हालात बेहद खराब कर दिए हैं। खराब मौसम के चलते अब तक कम से कम 19 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य घायल बताए जा रहे हैं। शहर के अलग-अलग हिस्सों में तेज हवाओं ने मकानों की छतें उड़ा दीं, दीवारें गिरा दीं और बड़ी संख्या में पेड़ व साइनबोर्ड सड़क पर आ गिरे, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।
भारी बारिश के साथ चली तेज हवाओं के कारण कई रिहायशी इलाकों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं। कोरांगी इलाके में दूरभाष केंद्र की इमारत का हिस्सा गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई, जो उस समय वहां मौजूद थे। इसके अलावा सईदाबाद के मोचको गोठ क्षेत्र में भी एक इमारत ढहने की घटना सामने आई है, जहां राहत और बचाव कार्य अभी जारी है और मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कोरांगी में एक घर की छत गिरने से दंपति की मौत हो गई, जबकि मलिर क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की जान चली गई। लांधी की मजीद कॉलोनी और क्लिफ्टन इलाके से भी मौतों की खबरें आई हैं, जहां एक महिला का शव गिरे हुए पेड़ के नीचे से बरामद किया गया।
शहर प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। महापौर ने साफ तौर पर कहा है कि लोग घरों में ही रहें और बिना जरूरत बाहर न निकलें। लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई है, जिससे मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में सिंध प्रांत के कई हिस्सों में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है, जिससे हालात और बिगड़ने की आशंका है।
