देहरादून: रेखा आर्या ने बृहस्पतिवार को देहरादून स्थित यमुना कॉलोनी के कैंप कार्यालय से प्रदेश के खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए तीन करोड़ रुपये से अधिक की इनामी धनराशि सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से जारी की। इस कदम को प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और उनके मनोबल को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा प्रयास माना जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य का नाम रोशन किया है, उन्हें समय पर सम्मान और आर्थिक सहयोग मिल सके।
इस अवसर पर खेल मंत्री ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इस इनामी धनराशि में वे खिलाड़ी शामिल हैं जिन्होंने 1 जुलाई 2024 से लेकर 31 मार्च 2025 के बीच विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। इन खिलाड़ियों ने अलग-अलग खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए देश और राज्य दोनों का नाम ऊंचा किया है, और अब सरकार उनकी मेहनत और उपलब्धियों को आर्थिक रूप से सम्मानित कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि राज्य सरकार की उस व्यापक नीति का हिस्सा है जिसके तहत खेलों को बढ़ावा देना और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता में रखा गया है।
उन्होंने आगे बताया कि पिछले वर्ष आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेलों में पदक जीतने वाले कुछ खिलाड़ी और प्रशिक्षक तकनीकी कारणों से उस समय इनामी धनराशि प्राप्त करने से वंचित रह गए थे। दरअसल, उन खिलाड़ियों और कोचों द्वारा कुछ आवश्यक कागजी औपचारिकताएं समय पर पूरी नहीं की जा सकी थीं, जिसके चलते उनका भुगतान लंबित रह गया था। अब सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए उन सभी लंबित मामलों का निस्तारण किया और बृहस्पतिवार को सभी पात्र खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों को उनकी बकाया धनराशि भी जारी कर दी गई। इस निर्णय से उन खिलाड़ियों और कोचों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, जो लंबे समय से अपनी पुरस्कार राशि का इंतजार कर रहे थे।
खेल मंत्री ने इस अवसर पर यह भी दोहराया कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और खेलों के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य केवल पुरस्कार वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के भविष्य को सुरक्षित और स्थिर बनाना भी है। इसी दिशा में आउट ऑफ टर्न नौकरी देने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि जो खिलाड़ी प्रदेश और देश के लिए पदक जीतते हैं, उन्हें सरकारी सेवा में भी अवसर मिल सके।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में विभागीय स्तर पर कार्य तेजी से चल रहा है और विभिन्न विभागों में आवश्यकतानुसार नए पद सृजित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी योग्यता और उपलब्धियों के आधार पर सरकारी नौकरियों में समायोजित किया जाए। इससे न केवल खिलाड़ियों का भविष्य सुरक्षित होगा, बल्कि अन्य युवाओं को भी खेलों के प्रति प्रेरणा मिलेगी।
इस पूरी पहल को राज्य में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब खिलाड़ियों को समय पर सम्मान और आर्थिक सहायता मिलती है, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं। साथ ही, इससे प्रदेश में खेलों के प्रति सकारात्मक माहौल भी बनता है, जो आने वाले समय में नई प्रतिभाओं को उभरने का अवसर प्रदान करेगा।कुल मिलाकर, यह कदम न केवल खिलाड़ियों के लिए राहत और सम्मान का प्रतीक है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि राज्य सरकार खेलों को लेकर गंभीर है और भविष्य में भी इस क्षेत्र में निवेश और प्रोत्साहन जारी रहेगा।
