देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी के निधन पर उनके जोहड़ी स्थित आवास पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
यह घटना उस समय हुई जब ब्रिगेडियर जोशी रोज की तरह अपने तीन साथियों के साथ सुबह टहलने निकले थे। घर से कुछ दूरी पर पहुंचने पर सामने से आ रही दो तेज रफ्तार कारों में सवार युवकों के बीच फायरिंग शुरू हो गई। इसी दौरान एक गोली उनके सीने में लग गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनका इस विवाद से कोई संबंध नहीं था और वे हमलावरों को जानते भी नहीं थे।
परिजनों के अनुसार, ब्रिगेडियर जोशी ने 62 वर्ष की उम्र तक सेना में सेवा दी और कई महत्वपूर्ण अभियानों का हिस्सा रहे। वे शारीरिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ थे और उनके भीतर देश सेवा का जज्बा हमेशा बना रहा। उन्होंने अपने बेटे को भी नौसेना में भेजकर इस परंपरा को आगे बढ़ाया था।
घटना के बाद मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम जनता की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और प्रदेश में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत अवांछित तत्वों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस ने जांच के दौरान जेन-जी क्लब को सील कर दिया है, जहां से आरोपी पार्टी कर निकल रहे थे। बताया जा रहा है कि क्लब में ही उनकी कर्मचारियों से मारपीट हुई थी, जिसके बाद यह हिंसक घटना हुई। यह क्लब पहले भी विवादों के चलते सील किया जा चुका
है।
