देहरादून : आशारोड़ी चेकपोस्ट पर दिव्यांशु को न्याय दिलाने की मांग को लेकर आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान नेता और स्थानीय लोग एकत्र हुए। इस दौरान राकेश टिकैत भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी। सभा के दौरान माहौल उस समय भावुक हो गया जब दिव्यांशु के बाबा फूट-फूट कर रोने लगे, जिन्हें वहां मौजूद लोगों ने संभालने की कोशिश की।
पंचायत के दौरान पुलिस प्रशासन भी सतर्क नजर आया। प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे और किसान नेताओं के साथ बातचीत करते रहे। सुरक्षा के लिहाज से क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।पत्रकारों से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि यह घटना उन्हें रणवीर हत्याकांड की याद दिलाती है और यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए तो हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने देहरादून में बढ़ते नशे के कारोबार पर भी चिंता जताई और कहा कि यह देवभूमि है, इसे सुरक्षित रखना सरकार की जिम्मेदारी है।
उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि आम लोगों को सुरक्षा देने के बजाय सिर्फ गनर उपलब्ध कराने की बात की जाती है, जबकि अपराधियों पर कार्रवाई करने में ढिलाई बरती जा रही है। टिकैत ने आरोप लगाया कि कुछ पुलिसकर्मी और नेता प्रॉपर्टी के धंधों में लिप्त हैं, जिससे अपराध बढ़ रहा है। उन्होंने मांग की कि हत्या में शामिल सभी आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
गौरतलब है कि 23 मार्च की रात मुजफ्फरनगर के रहने वाले दिव्यांशु जटराना की हत्या छात्र गुटों के बीच हुए हिंसक संघर्ष में हुई थी। इस मामले में पुलिस ने 15 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है, जिनमें से चार को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। गिरफ्तारी की धीमी रफ्तार को लेकर जाट समाज में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
इसी बीच मनु चौधरी ने भी सोशल मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी थी कि अगर सभी नामजद आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।इस महापंचायत को आगे की रणनीति तय करने के लिए अहम माना जा रहा है। इसमें विधानसभा कूच, धरना और बड़े प्रदर्शन जैसे विकल्पों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन की ओर से भी एहतियात बरतते हुए सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
