देहरादून: खेल व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में उत्तराखंड शासन ने एक अहम फैसला लेते हुए खेल विभाग में कार्यरत कॉन्ट्रैक्ट खेल प्रशिक्षकों की सेवाओं को निरंतर बनाए रखने का निर्णय लिया है। इस संबंध में विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में तैनात कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षकों को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सेवा निरंतरता प्रदान की जाए और उनके कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आने दी जाए।
जारी आदेश में इस बात पर विशेष जोर दिया गया है कि खेल गतिविधियों का संचालन निर्बाध रूप से चलता रहे, इसके लिए प्रशिक्षकों की सेवाएं जारी रहना अत्यंत आवश्यक है। शासन ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इस प्रक्रिया को समयबद्ध और नियमानुसार पूरा करें, ताकि खिलाड़ियों को प्रशिक्षण में किसी प्रकार की रुकावट का सामना न करना पड़े। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सभी प्रशासनिक औपचारिकताओं को शीघ्रता से पूरा करते हुए प्रशिक्षकों के कार्यकाल का विस्तार किया जाए।
शासन द्वारा इस निर्णय में पूर्व में जारी आदेशों और उनके संशोधनों का भी हवाला दिया गया है। अधिकारियों को याद दिलाया गया है कि नियुक्ति और सेवा विस्तार की प्रक्रिया पूरी तरह से निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही की जाए। इससे पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहेगी और योग्य प्रशिक्षकों को ही सेवा में निरंतरता मिल सकेगी।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ऐसे कॉन्ट्रैक्ट प्रशिक्षक जिनकी सेवा अवधि पहले ही पूर्ण हो चुकी है, उनके मामलों में भी विशेष ध्यान दिया जाए। इन मामलों में शासनादेश दिनांक 11 जुलाई 2024 के तहत निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनुभवी और योग्य प्रशिक्षकों को प्रणाली से बाहर न होना पड़े और उनके अनुभव का लाभ खिलाड़ियों को लगातार मिलता रहे।
इस फैसले से प्रदेश में खेल गतिविधियों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। निरंतर प्रशिक्षकों की उपलब्धता से खिलाड़ियों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे उनकी प्रदर्शन क्षमता में सुधार होगा। इसके साथ ही राज्य स्तर पर खेलों के विकास को भी गति मिलेगी और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्तराखंड के खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर हो सकेगा।
खेल विभाग के इस कदम को खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों दोनों के हित में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। इससे जहां प्रशिक्षकों को रोजगार की स्थिरता मिलेगी, वहीं खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन और प्रशिक्षण का लाभ लगातार प्राप्त होता रहेगा, जो राज्य की खेल प्रतिभाओं को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
