लखनऊ: चलती ट्रेन से जुड़ा एक बेहद सनसनीखेज और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी में एक युवती के शव के कई टुकड़े मिलने से रेलवे प्रशासन, पुलिस और यात्रियों में हड़कंप मच गया। बदमाशों ने युवती की हत्या करने के बाद उसके शव को बेरहमी से काटा और अलग-अलग हिस्सों को बक्से तथा बैग में भरकर ट्रेन में छोड़ दिया। घटना का खुलासा होते ही स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए।
बताया जा रहा है कि रविवार सुबह जब ट्रेन गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची तो सफाई कर्मचारियों और रेलवे कर्मियों की नजर स्लीपर कोच एस-1 में पड़े एक लावारिस बक्से और बैग पर पड़ी। काफी देर तक कोई यात्री उस सामान के पास नहीं आया तो कर्मचारियों को शक हुआ। सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई। जब बक्सा खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। बक्से में एक युवती का सिर कटा धड़ रखा हुआ था, जबकि पास पड़े बैग में पॉलीथीन में पैक हाथ और पैर बरामद हुए। हालांकि युवती का सिर अब तक नहीं मिल पाया है।
घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे पुलिस, स्थानीय पुलिस और जांच टीमों में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची जांच टीम ने बोगी को खाली कराकर पूरे इलाके को घेर लिया और साक्ष्य जुटाने का काम शुरू किया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शव को जिस तरीके से काटा गया है, उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्यारों ने किसी बेहद धारदार हथियार या आधुनिक काटने वाले उपकरण का इस्तेमाल किया होगा। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शव को इतने शातिर तरीके से पैक किया गया था कि खून का एक भी धब्बा बाहर दिखाई नहीं दिया और सफर के दौरान किसी यात्री को इसकी भनक तक नहीं लगी।
पुलिस के अनुसार मृतका की उम्र करीब पच्चीस से तीस वर्ष के बीच हो सकती है। युवती ने रंग-बिरंगा सूट पहन रखा था, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वह किसी ग्रामीण इलाके से संबंध रखती हो सकती है। हालांकि पुलिस फिलहाल किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रही है। शव को कब्जे में लेकर परीक्षण के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत का सही कारण और हत्या का समय पता लगाया जा सके।
जांच अधिकारियों का मानना है कि हत्यारे पहले से पूरी योजना बनाकर ट्रेन में सवार हुए थे। शक इस बात पर भी जताया जा रहा है कि हत्या कहीं और करने के बाद शव को ट्रेन के जरिए ठिकाने लगाने की कोशिश की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर बक्सा और बैग लेकर ट्रेन में कौन चढ़ा था और किस स्टेशन से यह सामान बोगी में रखा गया।
राजकीय रेलवे पुलिस ने मामले के खुलासे के लिए कई टीमों का गठन किया है। ट्रेन जिन स्टेशनों से होकर गुजरी, वहां लगे निगरानी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। बताया जा रहा है कि यह ट्रेन करीब बीस स्टेशनों से होकर गुजरती है और पूरा सफर लगभग बारह घंटे में तय करती है। ऐसे में पुलिस हर स्टेशन के दृश्य खंगालकर संदिग्ध लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
रेलवे अधिकारियों ने बोगी में सफर करने वाले आरक्षित यात्रियों का ब्यौरा जुटाना शुरू कर दिया है। हालांकि सामान्य टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों की जानकारी नहीं होने के कारण जांच में परेशानी आ सकती है। पुलिस यात्रियों से भी पूछताछ कर रही है ताकि यह पता चल सके कि सफर के दौरान किसी ने संदिग्ध गतिविधि देखी थी या नहीं।
इस वारदात के सामने आने के बाद रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है कि अगर इतनी बड़ी घटना ट्रेन के अंदर हो सकती है और किसी को इसकी जानकारी तक नहीं लगती, तो सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है। वहीं पुलिस अधिकारियों का दावा है कि मामले के हर पहलू की गहराई से जांच की जा रही है और जल्द ही इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा कर लिया जाएगा।
