मेरठ : बहसूमा क्षेत्र में छह वर्षीय मासूम अंगदवीर के अपहरण और कथित हत्या के मामले ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मामले की जांच कर रही पुलिस को बड़ी सफलता उस समय मिली जब मुख्य आरोपी अर्पित पाराशर को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी से पूछताछ के बाद कई ऐसे तथ्य सामने आए हैं, जिनकी पुलिस अब गहनता से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के बयानों का उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी सबूतों से मिलान किया जा रहा है ताकि घटना की वास्तविकता तक पहुंचा जा सके।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अंगदवीर के पिता गुरसेवक विदेश में नौकरी करते हैं, जबकि उसकी मां कुछ समय के लिए मायके आई हुई थी। परिवार के अन्य सदस्य गांव में ही रहते हैं। अंगदवीर का दाखिला पटियाला के एक स्कूल में कराया गया था और वह अपनी बुआ के साथ रहकर पढ़ाई कर रहा था। हाल ही में स्कूल की छुट्टियां होने पर उसकी मां उसे अपने साथ बहसूमा लेकर आई थी।
मंगलवार सुबह अंगदवीर घर के बाहर अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। बताया जा रहा है कि वह कुछ देर पहले साइकिल चलाकर घर लौटा था और साइकिल अंदर खड़ी करने के बाद दोबारा बाहर खेलने चला गया। इसी दौरान एक सफेद रंग की वैगनआर कार वहां पहुंची। आरोप है कि कार सवार व्यक्ति बच्चे को अपने साथ ले गया। काफी समय तक जब अंगदवीर घर नहीं लौटा तो परिजनों की चिंता बढ़ गई और उसकी तलाश शुरू की गई।
परिवार और ग्रामीणों ने आसपास के क्षेत्रों में बच्चे को खोजने का प्रयास किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। इसके बाद शाम को पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने बच्चे की तलाश के लिए अभियान शुरू किया और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। सीसीटीवी फुटेज में एक वैगनआर कार संदिग्ध परिस्थितियों में गांव में आती-जाती दिखाई दी। इसी आधार पर पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया और संदिग्धों की पहचान करने का प्रयास शुरू किया। तकनीकी निगरानी और पूछताछ के बाद पुलिस आरोपी अर्पित पाराशर तक पहुंच गई और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने कई अहम खुलासे किए हैं। आरोपी ने कथित तौर पर अंगदवीर की मां से कई वर्षों से परिचय और संबंध होने की बात स्वीकार की है। साथ ही उसने यह भी दावा किया कि उसने बच्चे का अपहरण करने के बाद उसे नहर में फेंक दिया था। हालांकि पुलिस फिलहाल आरोपी के इन बयानों को अंतिम सत्य नहीं मान रही है और हर पहलू की स्वतंत्र जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने नहर क्षेत्र में व्यापक सर्च अभियान शुरू कर दिया है। गोताखोरों और राहत टीमों की मदद से बच्चे की तलाश जारी है। पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है और ग्रामीणों में भारी आक्रोश एवं चिंता का माहौल है।
पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और सभी तथ्यों की पुष्टि साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि मामले से जुड़े हर पहलू की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल पूरे जिले की नजरें नहर में चल रहे सर्च अभियान और पुलिस जांच के अगले खुलासों पर टिकी हुई हैं।
