देहरादून : दो दिन की राहत के बाद शुक्रवार को उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। सुबह तड़के शुरू हुई बारिश का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। लगातार बारिश के कारण मैदानी इलाकों से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम के बदले मिजाज का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दिया। मैदानी क्षेत्रों में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के कारण ठंडक बढ़ गई।
देहरादून में शुक्रवार सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा रहा और कई दौर में बारिश हुई। सुबह साढ़े आठ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक जिले में 7.8 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश के चलते दून के अधिकतम तापमान में भी गिरावट देखने को मिली। यहां अधिकतम तापमान सामान्य से दो डिग्री कम 27.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस रहा। दिनभर बारिश और बादल छाए रहने के कारण मौसम सुहावना रहा, लेकिन कई इलाकों में जलभराव ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
प्रदेश के पर्वतीय जिलों में भी बारिश का असर व्यापक रहा। सबसे अधिक बारिश पिथौरागढ़ जिले में रिकॉर्ड की गई, जहां कुल 61.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। लगातार बारिश के चलते जिले के कई क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। पहाड़ों में बारिश के कारण सड़क मार्गों पर भी खतरा बढ़ जाता है और भूस्खलन की आशंका बनी रहती है।
मौसम विज्ञान केंद्र ने शनिवार यानी 15 अगस्त को भी प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव, नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल और चंपावत जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में भी बारिश के दौरान लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में भी प्रदेश के मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है। 20 अगस्त तक उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। कहीं हल्की से मध्यम बारिश तो कहीं तेज बारिश देखने को मिल सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में विशेष रूप से सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्योंकि लगातार बारिश से संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और सड़क बाधित होने का खतरा बना रह सकता है।
बारिश के कारण जहां तापमान में गिरावट से लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में जलभराव और पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क एवं यातायात संबंधी दिक्कतें चिंता का कारण बनी हुई हैं। प्रशासन और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को भी मौसम विभाग के अलर्ट के मद्देनजर सतर्क रहने की जरूरत है। स्थानीय लोगों और यात्रियों से अपील की गई है कि मौसम खराब होने की स्थिति में जोखिम वाले क्षेत्रों की ओर जाने से बचें और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करें।
कुल मिलाकर, स्वतंत्रता दिवस के दिन भी उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बारिश वाला रहने की संभावना है। खासकर पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट तथा अन्य जिलों में येलो अलर्ट को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।
