नागपुर : गोधिनी इलाके में महाराष्ट्र जीवन प्राधिकरण के जल शुद्धिकरण संयंत्र में रविवार देर रात क्लोरीन गैस का रिसाव होने से अफरा-तफरी मच गई। जहरीली गैस की चपेट में आने से करीब 40 लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई, जिसके बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। इनमें से चार-पांच लोगों की हालत गंभीर होने पर उन्हें आईसीयू में भर्ती कराया गया, जबकि 12 लोगों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
अधिकारियों को रात करीब 12:45 बजे गैस रिसाव की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस, नागपुर नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। एहतियात के तौर पर प्लांट के आसपास करीब 200 मीटर का इलाका खाली कराया गया और लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई।
इंस्पेक्टर हरेश कलशेकर के मुताबिक, गैस के करीब 90 प्रतिशत रिसाव को रोक लिया गया है और स्थिति अब काफी हद तक नियंत्रण में है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की।
एनडीआरएफ के जवानों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में आवाजाही फिलहाल प्रतिबंधित है। एहतियात के तौर पर इलाके को अगले दो से तीन दिनों तक सील रखा जा सकता है। प्रशासन की ओर से स्थानीय लोगों को जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी गई है।
गैस रिसाव की खबर फैलते ही आसपास के इलाके में दहशत का माहौल बन गया और लोग अपने घरों से बाहर निकलने लगे। स्थानीय निवासी नीरज पांडे ने बताया कि इलाके में तेज बदबू फैल गई थी और कई लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। उनके अनुसार, पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घर-घर जाकर लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और प्रभावित लोगों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की।
