देहरादून : उत्तराखंड में मानसून की सक्रियता बनी हुई है और प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में बारिश का दौर लगातार जारी है। मंगलवार को भी कई पहाड़ी जिलों में तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर जिलों के कुछ हिस्सों में भारी बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश के तेज से अति तेज दौर देखने को मिल सकते हैं। विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक बारिश बढ़ने की संभावना बनी हुई है। इसके चलते नदी-नालों और बरसाती गदेरों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने की घटनाओं का खतरा भी बढ़ जाता है।
मंगलवार को देहरादून, पिथौरागढ़, नैनीताल और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं, प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बारिश के तीव्र दौर आने का अनुमान है। मौसम विभाग ने आकाशीय बिजली चमकने और गरज के साथ बौछारें पड़ने की भी संभावना जताई है।
30 अगस्त तक जारी रह सकता है बारिश का सिलसिला
आने वाले दिनों में भी उत्तराखंड को बारिश से पूरी तरह राहत मिलने के आसार कम हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 26 अगस्त को देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 27 से 29 अगस्त के दौरान प्रदेश के पर्वतीय जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना जताई गई है।
अगस्त के अंतिम सप्ताह में भी मानसून सक्रिय बना रह सकता है। व्यापक स्तर पर बारिश का दौर 30 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। ऐसे में पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जा रही है।
भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा
लगातार हो रही बारिश के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़क मार्ग प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। कई संवेदनशील पहाड़ी मार्गों पर बारिश के दौरान मलबा और पत्थर गिरने से यातायात बाधित हो सकता है। ऐसे में वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
राजधानी देहरादून और आसपास के पर्वतीय इलाकों में भी तेज बारिश के दौर आ सकते हैं। बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव तथा बरसाती नदियों और नालों के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति बन सकती है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी-नालों और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के आसपास जाने से बचें।
मौसम विभाग की लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। आकाशीय बिजली की स्थिति में खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने तथा सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है। वहीं, पहाड़ी मार्गों पर सफर करने वाले यात्रियों को मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर उत्तराखंड में मानसून अभी पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। प्रदेश में अगले कई दिनों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है और 30 अगस्त तक मौसम का मिजाज इसी तरह बने रहने के आसार हैं। पर्वतीय जिलों में तेज बारिश को देखते हुए लोगों और यात्रियों को सतर्क रहने की जरूरत है।
