देहरादून: जौलीग्रांट हेलीपैड से बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए 15 सितंबर से दोबारा शुरू होने वाली हेलिकॉप्टर सेवा तकनीकी कारणों से शुरू नहीं हो पाई। रुद्राक्ष एविएशन के एमआई-17 हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी आने के बाद कंपनी को प्रस्तावित उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। हेलिकॉप्टर की खराबी दूर करने के लिए जरूरी पुर्जा विदेश से मंगाया जाना है, लेकिन उसकी आपूर्ति में देरी के चलते अब इस सीजन में सेवा शुरू होने की संभावना कम है।
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देहरादून एयरपोर्ट के समीप स्थित जौलीग्रांट हेलीपैड से रुद्राक्ष एविएशन लगातार तीसरे वर्ष दोनों धामों के लिए हवाई सेवा संचालित कर रही थी। इस साल कंपनी ने 30 अप्रैल से एमआई-17 हेलिकॉप्टर के जरिए बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए उड़ानें शुरू की थीं। खराब मौसम के कारण आने वाली रुकावटों को छोड़कर 13 जून तक रोजाना जौलीग्रांट से दो उड़ानें संचालित की गईं। हेलिकॉप्टर में एक बार में 18 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी।
कंपनी के अनुसार, इस अवधि में करीब 1,450 श्रद्धालुओं ने हेलिकॉप्टर सेवा के माध्यम से दोनों धामों की यात्रा की। बरसात के मौसम को देखते हुए 14 सितंबर तक सेवा स्थगित रखी गई थी। इसके बाद 15 सितंबर से उड़ानें फिर शुरू करने की तैयारी थी और हेलीपैड पर आवश्यक व्यवस्थाएं भी की जा रही थीं।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
इसी बीच हेलिकॉप्टर में तकनीकी समस्या सामने आने से पूरी योजना प्रभावित हो गई। खराबी ठीक करने के लिए जिस महत्वपूर्ण पुर्जे की जरूरत है, उसे विदेश से मंगाया जाना है। पुर्जा समय पर उपलब्ध नहीं होने के कारण कंपनी ने 15 सितंबर से प्रस्तावित उड़ानों को रद्द करने का निर्णय लिया।
रुद्राक्ष एविएशन के प्रबंधक पीके छाबरी ने बताया कि एमआई-17 हेलिकॉप्टर से 15 सितंबर से शुरू की जाने वाली उड़ानें तकनीकी खामी के चलते रोकनी पड़ी हैं। उन्होंने कहा कि तकनीकी समस्या दूर होने के बाद कंपनी अगले यात्रा सीजन में जौलीग्रांट से बदरीनाथ और केदारनाथ के लिए हेलिकॉप्टर सेवा दोबारा संचालित करने पर विचार कर रही है।

