अल्मोड़ा: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत ने लमगड़ा विकासखंड के सत्यों में आयोजित जल महोत्सव के दौरान विभिन्न वर्गों के हितों को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, भोजन माताओं और आशा कार्यकर्ताओं सहित अन्य वर्गों के मानदेय में बढ़ोतरी के लिए कदम उठाए जाएंगे। साथ ही उनके अधिकारों और सम्मान को प्राथमिकता दी जाएगी।
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जल महोत्सव में विभिन्न वर्गों को किया सम्मानित
सत्यों में आयोजित कार्यक्रम के दौरान हरीश रावत ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, भोजन माताओं, आशा कार्यकर्ताओं, स्वयं सहायता समूहों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, पूर्व सैनिकों और पंचायत प्रतिनिधियों को सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ता सीमित संसाधनों के बीच समाज की सेवा कर रही हैं। वहीं, भोजन माताएं भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाती हैं। स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में अहम योगदान दे रहे हैं। इन सभी वर्गों का सम्मान और उनके हितों की रक्षा जरूरी है।
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मानदेय बढ़ाने और अधिकारों की रक्षा का वादा
हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस की सरकार बनने पर इन वर्गों की समस्याओं पर प्राथमिकता से काम किया जाएगा। उन्होंने मानदेय बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। हालांकि, उन्होंने मानदेय में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसकी कोई निश्चित राशि घोषित नहीं की।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर सरकार पर उठाए सवाल
कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर भी राज्य सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस मामले में जनता न्याय की अपेक्षा कर रही है और सरकार की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
2027 के विधानसभा चुनाव का भी किया जिक्र
हरीश रावत ने वर्ष 2027 में होने वाले उत्तराखंड विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए लोगों से पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।
इस अवसर पर पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भूपेंद्र भोज, गोपाल बिष्ट और दीवान सतवाल सहित कई लोग मौजूद रहे।

