भारतीय अंडर-19 टीम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। वैभव सूर्यवंशी की ऐतिहासिक पारी, टीम की एकजुटता और आत्मविश्वास ने इस जीत को यादगार बना दिया। कोहली, तेंदुलकर और गंभीर जैसे दिग्गजों की सराहना बताती है कि यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि एक नई पीढ़ी के उदय की कहानी है।
फाइनल में भारत का दबदबा, इंग्लैंड बेबस
भारतीय अंडर-19 टीम ने विश्व कप फाइनल में इंग्लैंड को 100 रन से हराकर इतिहास रच दिया। भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 9 विकेट पर 411 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम दबाव में बिखर गई। यह जीत भारत की अंडर-19 विश्व कप में रिकॉर्ड छठी ट्रॉफी है, जिसने आयुवर्ग क्रिकेट में भारत के वर्चस्व को एक बार फिर साबित कर दिया।
वैभव सूर्यवंशी—क्रिकेट का नया सुपरस्टार?
महज़ 14 साल के वैभव सूर्यवंशी ने ऐसा प्रदर्शन किया, जिसे आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा। उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों में 175 रन ठोक दिए, जिसमें 15 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उनकी यह पारी निडरता, ताक़त और क्रिकेटिंग समझ का अद्भुत मिश्रण थी।
पूर्व कप्तान मोहम्मद कैफ ने लिखा—
“क्या हम क्रिकेट के भविष्य को देख रहे हैं? अगर वैभव और खेलते, तो 300 भी बन सकता था।”
कोहली से तेंदुलकर तक—हर दिग्गज ने की सराहना
अंडर-19 विश्व कप 2008 विजेता विराट कोहली ने एक्स पर लिखा—
“आयुवर्ग क्रिकेट में हमारा दबदबा कायम है। पूरी टीम और स्टाफ को बधाई।”
सचिन तेंदुलकर ने लिखा—
“चैंपियंस! इस बेखौफ युवा टीम पर गर्व है। और जब आपके पास सूर्यवंशी हो, तो ब्लॉकबस्टर तय है।”
मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कहा—
“तुम सभी पर गर्व है। भविष्य उज्ज्वल है।”
देश की उम्मीदों का नया चेहरा—युवा भारत
भारत के टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव, पूर्व स्पिनर आर अश्विन और रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन नीता अंबानी ने भी टीम की तारीफ की।
नीता अंबानी ने बयान में कहा—
“यह जीत सिर्फ ट्रॉफी नहीं, बल्कि युवा भारत की बेखौफ महत्वाकांक्षा, अनुशासन और आत्मविश्वास का प्रतीक है।”उन्होंने इसे आने वाले वर्षों में और बड़ी उपलब्धियों की शुरुआत बताया।
