धामी सरकार की कैबिनेट बैठक में कुल छह महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगी। इनमें श्रम कानून संशोधन वापसी, ईएसआई में 94 भर्तियां, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के लिए 22 पदों का सृजन, वन विभाग के 579 श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, हैबिचुअल ऑफेंडर की नई परिभाषा को अपनाना और मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना को जारी रखना शामिल है। इन फैसलों का असर श्रमिकों, स्वास्थ्य सेवाओं, कानून व्यवस्था और कृषि क्षेत्र पर सीधे तौर पर पड़ेगा।
देहरादून : बुधवार को सीएम पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में छह प्रस्ताव सामने आए। श्रम विभाग के अंतर्गत कोविड समय में लागू पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट-2020 को वापस लेने का फैसला किया गया।
बोनस एक्ट संशोधन वापस, श्रम नियमों में बदलाव
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में श्रम विभाग द्वारा कोविड काल में केंद्र को भेजे गए पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट के संशोधन प्रस्ताव को वापस लेने का निर्णय लिया गया। सरकार ने स्थिति सामान्य होने के बाद इसे निरस्त करने का फैसला किया।
ईएसआई में 94 पदों पर भर्ती, नियमावली में संशोधन
ईएसआई डॉक्टरों की भर्ती के लिए लेबर मेडिकल सर्विस नियमावली 2006 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत कुल 94 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। साथ ही पदोन्नति की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मिले 22 नए पद
गृह विभाग के अंतर्गत वर्ष 2022 में गठित एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और सशक्त किया गया है। राज्य स्तर पर 22 नए पदों के सृजन को कैबिनेट ने स्वीकृति दी है, जिससे नशे के खिलाफ अभियान को मजबूती मिलेगी।
वन श्रमिकों और कृषि योजना पर बड़ा निर्णय
वन विभाग में कार्यरत 893 दैनिक श्रमिकों में से शेष 579 श्रमिकों को भी न्यूनतम वेतन (18,000 रुपये) देने की मंजूरी दी गई।
इसके अलावा कृषि विभाग के अंतर्गत प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना (2025-26 तक लागू) के साथ प्रदेश में चल रही मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना को भी जारी रखने का निर्णय लिया गया।
अन्य अहम निर्णय
कारागार अधिनियम में “हैबिचुअल ऑफेंडर” (बार-बार अपराध करने वाले) की परिभाषा को लेकर संशोधन किया गया है। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार की परिभाषा को अपनाने का फैसला लिया है, जिससे कानूनी प्रक्रिया में एकरूपता आएगी।
